भोपाल:
प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1.5 लाख बच्चों को मिलने वाली मुफ्त बस सुविधा जल्द बंद हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग इस व्यवस्था में बदलाव करने जा रहा है, जिसके तहत अब बस का किराया तय कर अभिभावकों से वसूला जा सकता है। इस अहम प्रस्ताव पर आज होने वाली कैबिनेट बैठक में चर्चा के बाद मुहर लग सकती है।
कलेक्टर तय करेंगे किराया
प्रस्ताव के अनुसार, राज्य के जिलों में संचालित सांदीपनि विद्यालयों की बसों का किराया तय करने का अधिकार जिला कलेक्टरों को दिया जा सकता है। वर्तमान में प्रदेश के 370 सांदीपनि विद्यालयों में बच्चों को स्कूल लाने और घर छोड़ने के लिए बस सेवा पूरी तरह नि:शुल्क है। लेकिन सरकार इस पर आने वाले खर्च की भरपाई के लिए नियमों में बदलाव की तैयारी में है। हालांकि, कमजोर वर्ग के परिवारों को इसमें छूट मिलेगी या नहीं, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कई जिलों में अब तक बसें ही उपलब्ध नहीं
दूसरी ओर, परिवहन व्यवस्था को लेकर भी बड़ा सवाल बना हुआ है। प्रदेश के 19 जिलों में सांदीपनि स्कूलों के डेढ़ लाख बच्चों को अभी तक बस सुविधा का लाभ मिल ही नहीं रहा है, क्योंकि कई स्कूलों में बसें उपलब्ध ही नहीं हैं। ऐसे में देखना होगा कि सरकार बिना बस वाले स्कूलों के लिए पहले वाहन की व्यवस्था करती है या शुल्क वसूली का नियम लागू करती है।
कैबिनेट में इन प्रस्तावों पर भी होगी चर्चा
आज होने वाली कैबिनेट बैठक में इसके अलावा मैहर, पांढुर्णा, निवाड़ी और मऊगंज नए जिलों में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय खोलने और नए पद सृजित करने के प्रस्ताव पर भी फैसला हो सकता है। साथ ही, ‘सेवा संकल्प अभियान’ की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।



