भोपाल। गोविंदपुरा स्थित बीएचईएल (BHEL) के खाली और जर्जर मकान अब स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। ये खंडहर न केवल आपराधिक गतिविधियों और नशाखोरी का केंद्र बन रहे हैं, बल्कि इनके कारण अवैध अतिक्रमण भी तेजी से बढ़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गोविंदपुरा पुलिस ने बीएचईएल प्रबंधन को सख्त पत्र लिखा है।
पुलिस की चेतावनी: हादसों की जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी
थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि इंदिरानगर, कालीबाड़ी, आईटीआई, सिक्योरिटी लाइन और नेहरू मार्केट क्षेत्र में बीएचईएल के कई खाली मकान खंडहर हो चुके हैं। इनमें अवैध बिजली कनेक्शनों का उपयोग हो रहा है, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में जर्जर मकान गिरने या अवैध बिजली कनेक्शन के कारण कोई जनहानि होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बीएचईएल प्रबंधन की होगी।
सीसीटीवी और पुख्ता सुरक्षा की मांग
पुलिस ने प्रबंधन से मांग की है कि या तो इन जर्जर मकानों को तुरंत जमींदोज किया जाए, या फिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) की व्यवस्था की जाए। पुलिस के अनुसार, इस संबंध में पहले भी 3-4 बार पत्र लिखे जा चुके हैं और उच्च अधिकारियों की बैठक में सहमति भी बनी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।




