भोपाल। मध्य प्रदेश में निवेश को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार दूसरी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) की तैयारियों में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार, यह समिट अगले साल जनवरी में आयोजित की जा सकती है। इसे लेकर उद्योग विभाग और एमपीआईडीसी ने गंभीरता से काम शुरू कर दिया है।
निवेश का लक्ष्य दोगुना
पिछले साल फरवरी में हुई जीआईएस में प्रदेश को करीब 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिसमें अडाणी समूह का प्रस्ताव सबसे बड़ा था। सरकार को उम्मीद है कि इस बार निवेश का यह आंकड़ा पिछली बार से दोगुना हो सकता है। समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है।
वेन्यू के लिए हो रहा निरीक्षण
आयोजन स्थल को लेकर अफसर सक्रिय हैं। फिलहाल लाल परेड ग्राउंड, रातीबड़ क्षेत्र और मानव संग्रहालय की जगह का निरीक्षण किया गया है। निवेशकों की संभावित संख्या के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। पिछली समिट में सामने आई तकनीकी और ध्वनि संबंधी खामियों को दूर करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।
सौंदर्यीकरण पर उठे सवाल
एक तरफ नई समिट की तैयारी चल रही है, वहीं पिछली जीआईएस के दौरान हुए सौंदर्यीकरण का मामला जांच के घेरे में है। नगर निगम द्वारा फाउंटेन लगाने के नाम पर किए गए करोड़ों के खर्च में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। जांच में कई जगहों पर महंगे उपकरणों की जगह साधारण सामान मिलने और कुछ फाउंटेन गायब होने की बात सामने आई है, जिसकी जांच लोकायुक्त कर रही है।




