भोपाल: भोपाल मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट के विरोध में लोगों का गुस्सा लगातार सामने आ रहा है और अब तक 5 हजार से ज्यादा आपत्तियां दर्ज कराई जा चुकी हैं। इन आपत्तियों की छंटनी में करीब 15 दिन का समय लगेगा, जिसके बाद सुनवाई का शेड्यूल जारी किया जाएगा। सबसे ज्यादा आपत्तियां बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में बदलाव, अवैध निर्माण और चौड़ी सड़कों के प्रस्ताव के खिलाफ आई हैं। शनिवार रात 12 बजे तक ऑनलाइन दावे-आपत्ति दर्ज कराने का आखिरी समय है।
अंतिम दिनों में शाहपुरा स्थित टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) के दफ्तर में आपत्तियां दर्ज कराने वालों की भारी भीड़ रही। शुक्रवार को भारतीय किसान संघ, व्यापारी और कई रहवासियों ने पहुंचकर निर्माण और अन्य विषयों पर विरोध जताया। शनिवार को सरकारी छुट्टी होने के कारण लोग केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आपत्ति दर्ज करा पा रहे हैं।
क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक ने प्रक्रिया को लेकर मांग उठाई है कि आखिरी समय में पोर्टल पर तकनीकी दिक्कत या कार्यालय बंद होने से किसी नागरिक की बात छूट न जाए, इसलिए पूरी पारदर्शिता बरती जाए। किसानों का मुख्य विरोध भोजताल संरक्षण जोन-1 (BIZ-1) और जोन-2 (BIZ-2) को लेकर है। किसानों का आरोप है कि ड्राफ्ट में तालाब के आसपास की कृषि भूमि के भू-उपयोग में बदलाव का प्रस्ताव है, जिससे उनकी आजीविका का मुख्य साधन खतरे में पड़ सकता है। किसान चाहते हैं कि उनकी जमीन का उपयोग केवल खेती के लिए ही सुरक्षित रखा जाए।



