भोपाल:
शहर के आवासीय इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों के विरोध में रविवार को रहवासी सड़कों पर उतर आए। अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर, बावड़ियाकलां, गौतम नगर, शाहपुरा और रचना नगर समेत कई इलाकों के लोगों ने संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के बैनर तले पैदल मार्च निकाला। रहवासियों ने नगर निगम की कार्रवाई को सिर्फ कागजी और औपचारिकता करार दिया है।
मुख्य बिंदु:
- सीलिंग के बाद भी खुली रहीं दुकानें: शनिवार को नगर निगम ने 19 प्रतिष्ठानों को सील किया था, जबकि 65 दुकानें पहले ही बंद हो गईं थीं। रहवासियों का आरोप है कि कार्रवाई के तुरंत बाद शाम को कई दुकानें फिर से खुल गईं।
- अदालत में रखेंगे सबूत: याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि निगम की इस लाचार कार्रवाई और नियमों के उल्लंघन के पुख्ता सबूत 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई में पेश किए जाएंगे।
- पूर्व कमिश्नर भी हुए शामिल: विरोध प्रदर्शन में भोपाल के पूर्व कमिश्नير कवींद्र कियावत समेत कई स्थानीय समितियों के पदाधिकारी और नागरिक शामिल हुए। सभी ने आवासीय क्षेत्रों में अवैध होटल, हॉस्टल और बार के संचालन से हो रही परेशानियों पर आक्रोश जताया।
- चुनाव में विरोध की चेतावनी: रहवासियों ने चेतावनी दी है कि जो दल या नेता अवैध निर्माण और कमर्शियल गतिविधियों का समर्थन करेंगे, आगामी चुनावों में 95 प्रतिशत मतदाता उनके खिलाफ मतदान करेंगे।




