इंदौर में मकर संक्रांति पर पतंग के मांझे से कॉलेज स्टूडेंट का गला कट गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। हादसा मंगलवार शाम करीब 5 बजे चंदन नगर में फूटी कोठी ब्रिज पर हुआ।
पुलिस के अनुसार, 22 वर्षीय हिमांशु सोलंकी अपने रिश्तेदार विनोद के साथ एलपीजी सिलेंडर लेने जा रहा था। इसी दौरान मांझा उसके गले पर आ लगा। विनोद को भी आंख के पास चोट आई है।
द्वारिकापुरी टीआई आशीष सप्रे ने बताया कि हिमांशु महू के भेरूलाल पाटीदार कॉलेज में फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। वह पिछले एक साल से सुदामा नगर के अन्नपूर्णा क्षेत्र में किराए पर रह रहा था। हिमांशु के पिता संजय मनावर में बैंककर्मी हैं। मां आंगनवाड़ी में काम करती हैं। छोटा भाई मनावर में ही 11वीं क्लास में पढ़ता है।
हादसे के बाद हिमांशु और विनोद को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां से उन्हें एमवाय अस्पताल भेजा गया था। टीआई आशीष सप्रे ने कहा-
जिस डोर से हिमांशु की मौत हुई है, वह चायना नहीं बल्कि सामान्य पतंग की डोर है। परिवार के सामने भी डोर चेक कराई गई है।
परिजन का थाने के बाहर हंगामा
परिजन का थाने के बाहर हंगामा पुलिस द्वारा सादी डोर से गला कटने की रिपोर्ट लिखने से गुस्साए हिमांशु के परिजन ने द्वारिकापुरी थाने पर शव रखकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जिस डोर से हिमांशु का गला कटा, वह चायनीज डोर थी। जब तक रिपोर्ट में चायनीज डोर से मौत होने की बात नहीं लिखी जाती, हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिजन ‘जय भीम’ और ‘पुलिस-प्रशासन होश में आओ’ के नारे लगा रहे हैं।
इससे पहले परिजन ने पोस्टमार्टम रूम के बाहर हंगामा किया था।

फोटो-वीडियो डिलीट कराने का आरोप हिमांशु के चाचा सचिन कोचले ने कहा, ‘जिस डोर से हिमांशु का गला कटा, वह चायनीज डोर थी। इसकी लंबाई 500 मीटर थी। हमने फोटो और वीडियो बनाकर टीआई और एसीपी को दिए, लेकिन पुलिस ने हमसे वे डिलीट करा दिए। पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट में चायना डोर ही लिखा जाएगा लेकिन बाद में शिकायत में सादी डोर बताया गया।’ वहीं, एसीपी शिवेंदु दुबे ने कहा-
मांझा गले में अटकने से हिमांशु की मौत हो गई। पुलिस मांझे की जांच कर रही है। गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर रही है।

एक्सपर्ट बोले- गैर इरातन हत्या का केस हाईकोर्ट के वकील कृष्ण कुमार कन्हारे ने बताया कि चायना की डोर प्रतिबंधित है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा पतंगबाजी में इसका इस्तेमाल करने से मौत हुई तो भारतीय न्याय संहिता के तहत गैर इरादतन हत्या और चोट पहुंचाए जाने समेत लापरवाही से मानव जीवन के लिए संकट पैदा करने वाले अपराध की धारा 125 (A) (B) में भी केस दर्ज हो सकता है।




