भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मध्य प्रदेश में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में करोड़ों की संपत्ति और नकदी जब्त की है।
पहला मामला (रीवा-जबलपुर): सड़क निर्माण में 55.60 करोड़ रुपये के फर्जी बिल लगाकर सरकारी खजाने को चूना लगाने के मामले में ठेकेदार केके सोहगौरा और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी ठेकेदारों ने पेट्रोलियम कंपनियों के नाम से फर्जी चालान बनाकर भुगतान लिया था। ईडी ने 23.50 लाख रुपये नकद और करीब 2.93 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि फ्रीज की है।
दूसरा मामला (भोपाल): एक प्रमुख एजुकेशन सोसायटी में वित्तीय गड़बड़ी को लेकर ईडी ने 12 ठिकानों पर दबिश दी। जांच में पता चला कि छात्रों से वसूली गई फीस, स्कॉलरशिप और बैंक लोन की राशि को गलत तरीके से अन्य संस्थाओं में डायवर्ट किया गया। इस कार्रवाई में ईडी ने 3.97 करोड़ रुपये नकद और 3.45 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण बरामद किए हैं।
ईडी ने बताया कि दोनों ही मामलों में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर PMLA के तहत जांच की जा रही है।



