भोपाल। शहर में शांति व्यवस्था को खतरे में डालने और सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने के मामले में टीटी नगर पुलिस ने ‘संस्कृति बचाओ मंच’ के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने शहर काजी मुश्ताक अली नदवी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एक विवादास्पद वीडियो वायरल किया, जिससे दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में गोविंदपुरा क्षेत्र में बजरंग दल कार्यकर्ताओं और एक मुस्लिम युवक के बीच मारपीट हुई थी। इस घटना के बाद चंद्रशेखर तिवारी ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया। पुलिस के मुताबिक, तिवारी ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ का रूप देते हुए धर्मगुरुओं के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी की। तकनीकी जांच में पाया गया कि इस वीडियो के कारण शहर के संवेदनशील इलाकों में आक्रोश बढ़ रहा था और दंगे जैसी स्थिति बन सकती थी।
धारा 163 का उल्लंघन
भोपाल पुलिस आयुक्त ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 12 मई 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163(2) लागू की थी। इस आदेश के तहत किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले कार्यक्रम या उत्तेजक भाषण पर पूरी तरह प्रतिबंध है। तिवारी का वीडियो इस सरकारी आदेश का सीधा उल्लंघन पाया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है।
“शहर की फिजा बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है।” — पुलिस प्रशासन, भोपाल



