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फ्लेक्सी लर्निंग अपनाएं, जहां हो वहीं से सीखें एवं सीखना कभी ना छोड़ें : डीजीपी

श्री सुधीर सक्सेना ने दिया भोपाल पुलिस को यह संदेश

डीजीपी मध्यप्रदेश श्री सुधीर सक्सेना द्वारा आज दिनांक 27 जुलाई 2022 को लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) के ऑनलाइन कोर्सेस का कमिश्नर कार्यालय में उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त भोपाल श्री मकरंद देउस्कर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री सचिन अतुलकर एवं पुलिस उपायुक्त मुख्यालय श्री विनीत कपूर, पुलिस उपायुक्त श्री साई कृष्णा, पुलिस उपायुक्त श्रीमती श्रद्धा तिवारी, पुलिस उपायुक्त श्री रियाज इक़बाल, पुलिस उपायुक्त श्री विजय खत्री, पुलिस उपायुक्त श्री विजय भागवानी, पुलिस उपायुक्त श्री हंसराज सिंह एव्ं समस्त अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त एवं थाना प्रभारी मौजूद रहे।

शुभारंभ के अवसर पर डीजीपी श्री सुधीर सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि यह भोपाल कमिश्नरेट पुलिस का पहला प्रयास है, इसके लिये मै सभी अधिकारियो व तकनीकि टीम को बधाई देता हुँ। LMS के अंतर्गत भोपाल पुलिस द्वारा निर्मित प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रत्येक पुलिसकर्मी को व्यवसायिक दक्षता तथा नए कानूनों व पुलिस के विभिन्न दायित्वों को प्रभावी रूप से संपादित करने हेतु अत्यधिक आवश्यक रहेंगे। मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि कमिश्नर पुलिस भोपाल द्वारा इन कोर्सेस को विभिन्न स्तर के पुलिस कर्मचारियों हेतु अनिवार्य किया जा रहा है ताकि जो कर्मचारी यह कोर्स पूर्ण करेंगे उन्हें विशिष्ट जिम्मेदारियां उनकी योग्यताओं के आधार पर प्रदान की जा सके। फ्लेक्सी लर्निंग जहां हो वहीं से सीखो एव्ं सीखना कभी नही छोड़ों। पुलिस में तकनीक का सही इस्तेमाल प्रशिक्षण के क्षेत्र में करना भी एक महत्वपूर्ण कदम है जो प्रशिक्षण की उपयोगिता को अधिक व्यापक बनाता है।

स्मार्ट पुलिसिंग की अवधारणा के अंतर्गत S- सेंसेटिव एंड स्ट्रिक, M- मोबाइल & माडर्न, A- अकाऊंटेबल & अलर्ट, R- रिस्पॉन्सिव एंड रिलायबल, T- टेक्सेवी एंड ट्रेंड्स इसमे जो 3 शब्द है आज इस माध्यम से वह चरितार्थ हुआ है। इस प्रशिक्षण योजना के माध्यम से न केवल पुलिस टेक्सेवी तकनीक का उपयोग कर रही है अपितु तकनीक का उपयोग करके ट्रेंड भी हो रही है। यह माननीय प्रधानमंत्री जी का सूत्रवाक्य “स्मार्ट पुलिसिंग” जिसका एक नया कदम है। इसके अंतर्गत जो पुलिस कर्मचारी जहां पर है वहीं पर रह कर अपनी क्षमता का विकास कर सकते हैं।

माननीय सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट एवं अन्य शासकीय संस्थान व कार्यालयों द्वारा विभिन्न निर्देश दिए जाते हैं कि पुलिस को क्या कार्यवाही करनी चाहिए एवं किस तरह से कानूनों का पालन करना चाहिए परंतु क्षमता विकास के पर्याप्त साधन नहीं हो पाते हैं एवं इतनी ज्यादा पुलिस व्यस्त रहती है कि समय नहीं मिल पाता है। परंतु यह जो स्मार्ट योजना जिसके अंतर्गत ऑनलाइन प्रशिक्षण संचालित किए जा रहे हैं जिसके माध्यम से जो जहां है वही प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

शुभारंभ के अवसर पर जो चार प्रोसेस आरंभ किए गए हैं चाहे वह गिरफ्तारी कानून के संबंध में हो, साइबर अपराधों के संबंध में हो, सीडीआर एनालिसिस हो या फिर बच्चों के संरक्षण एवं पोक्सो एक्ट से संबंधित हो। सभी ऐसे कार्य हैं जिसमें जिले की पुलिस को बहुत प्रशिक्षित होने की आवश्यकता है, इस विषय को इस ऑनलाइन कोर्सेस में जोड़ा गया है, जिसमें भोपाल कमिश्नरेट पुलिस की दूरदर्शिता दिखाई देती है।

अंत में डीजीपी श्री सक्सेना ने कहा कि मैं आशा करता हूं कि अन्य जिलों में भी इसी प्रकार कार्य किए जाएंगे। सभी डीसीपी अपने अपने क्षेत्र अंतर्गत अधिक से अधिक अधिकारी/कर्मचारियों को इसका लाभ प्रदान करें एवं प्रशिक्षित करें, साथ ही उन्हें सर्टिफिकेट प्रदान करें ताकि वे सर्टिफाइड प्रोफेशनल के रूप में सामने आ सके और पुलिस में बेहिचक कार्य संपादित कर सकें।

अंत में डीसीपी श्री सक्सेना द्वारा LMS डवलपर टीम एवं सोशल पुलिसिंग मे बेहतर कार्य संपादित करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशंसा पत्र एवं शील्ड प्रदाय कर पुरस्कृत किया गया।

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