Sunday, September 27, 2026
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सरकार ने दिए चावल मिलर्स पर सख्ती के संकेत

प्रदेश में धान खरीदी करने के बाद मिलिंग करने वाले चावल व्यापारियों को राहत देने के बजाय सरकार ने उन पर सख्ती के संकेत दिए हैं। इसके बाद चावल व्यापारी महासंघ ने पुरानी व्यवस्था बनाए रखने को लेकर फिर खाद्य आयुक्त के साथ बैठक कर अपना मांग पत्र सौंपा है। सरकार ने नए नियमों में व्यवस्था तय कर दी है कि अब हर मिलर को 5.5 लाख की बैंक गारंटी और 5.5 लाख नकद रुपए नकद सरकार के खाते में जमा करने होंगे जबकि पहले यह व्यवस्था थी कि पांच लाख की बैंक गारंटी या एफडीआर और पांच लाख रुपए के ही पीडीसी चेक मिलर्स द्वारा दिए जाते थे।
आयुक्त खाद्य और चावल महासंघ के पदाधिकारियों व खाद्य अफसरों की बैठक में शनिवार को यह जानकारी दी गई कि राज्य सरकार इस साल 46 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी करेगी। इसके लिए अब तक 1.95 लाख किसानों ने धान बिक्री करने का रजिस्ट्रेशन कराया है। इस बीच धान की मिलिंग करने वाले मिलर्स द्वारा एसीएस को दिए गए ज्ञापन पर कार्रवाई के लिए चावल महासंघ के पदाधिकारियों के साथ खाद्य आयुक्त की बैठक में मिलर्स की समस्याओं पर चर्चा की गई।

धान खरीदी की लिमिट और नियम बताए

आयुक्‍त खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं प्रबंध संचालक मध्‍यप्रदेश वेयर हाऊसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कॉर्पोरेशन सिबि चक्रवर्ती ने मध्‍यप्रदेश चावल उद्योग महासंघ के पदाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ शनिवार को बैठक की। इस बैठक में चालू खरीफ सीजन में समर्थन मूल्‍य पर धान खरीदी की समय सीमा में तथा कम से कम खर्च पर मिलिंग कराने पर चर्चा की गई। चक्रवर्ती ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्‍य 2300 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्‍य सरकार द्वारा लगभग 46 लाख मीट्रिक टन धान के खरीदी की तैयारी की जा रही है। उन्होंनेबताया कि किसानों को शीघ्र भुगतान एवं परिवहन व्‍यय को सीमित करने के लिये गोदाम स्‍तरीय केन्‍द्र स्‍थापित किए जायेंगे। केन्द्र सरकार द्वारा धान मिलिंग की समय सीमा जून-2025 तय है।

महासंघ ने रखी अपनी मांग

बैठक में बताया गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गेहूं के आवंटन में वृद्धि करने के कारण खरीदी गई धान से तैयार लगभग 60 प्रतिश‍त चावल भारतीय खाद्य निगम को देना होगा। चावल महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा पिछले वर्ष के लंबित भुगतान करने, उपार्जन केन्‍द्र से सीधे धान प्राप्‍त करने में सूखत मान्‍य करने तथा अपग्रेडेशन राशि तय करने के लिए कहा गया। साथ ही मिलिंग के लिये दी की जाने वाली धान के उपार्जन के लिए एजेन्‍सी द्वारा ली जाने वाली अमानत राशि में बैंक गारंटी,एफडी राशि कम लेने सहित अन्य विषयों की ओर ध्यान दिलाया गया।

अब तक 1.95 लाख किसानों का रजिस्ट्रेशन

धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये अभी तक 1.95 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। किसान 4 अक्टूबर 2024 तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि समिति स्तरीय उपार्जन केन्द्र से ही अधिक से अधिक धान राइस मिलर्स को दी जायेगी। इससे समय पर मिलिंग का कार्य होने के साथ ही परिवहन और भण्‍डारण खर्च में भी बचत होगी। राजपूत ने इसका रिव्यू करने के निर्देश आयुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति को दिये हैं।

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