प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कोर्ट में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा की ओर से एडवोकेट दीपेश जोशी और सौरभ के सहयोगी शरद जायसवाल की ओर से अधिवक्ता रजनीश बरैया ने सोमवार को जमानत याचिका दायर की। विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की अदालत में इस जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सौरभ शर्मा की मां और ईडी की टीम अदालत में मौजूद रहीं।
ईडी के वकील विक्रम सिंह ने सौरभ और शरद के कृत्य को गंभीर बताते हुए उनकी जमानत का विरोध किया। वहीं, सौरभ के वकील दीपेश जोशी ने ईडी की कार्रवाई को काल्पनिक बताते हुए सभी आरोपों को गलत बताया और जमानत दिए जाने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला गुरुवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।
मां और पत्नी को इसी कोर्ट से मिल चुकी है जमानत
9 अप्रैल को इसी कोर्ट से सौरभ की मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या शर्मा, जीजा विनय आसवानी और जबलपुर निवासी साले रोहित तिवारी को जमानत मिल गई थी। 18वें अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की अदालत से 10 लाख रुपए के बॉन्ड पर जमानत दी गई थी। वहीं, जमानत नहीं मिलने की हालत में सौरभ शर्मा, उसके सहयोगी शरद और चेतन की पेशी 5 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाएगी।

ईडी ने 8 अप्रैल को पेश किया था चालान
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल ने आरटीओ के करोड़पति पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा उसके सहयोगियों शरद जायसवाल, चेतन सिंह गौर के खिलाफ 8 अप्रैल मंगलवार को कोर्ट में चालान पेश किया था। इसमें इनोवा कार में मिला 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए कैश सौरभ का ही बताया गया है।




