भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने खुद को CBI का सब-इंस्पेक्टर बताकर 72 साल के रिटायर्ड कर्मचारी से 3 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने वॉट्सऐप वीडियो कॉल पर पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने की बात कहकर तीन दिन तक डराया और RTGS के जरिए रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली।
पुलिस के मुताबिक 8 जनवरी 2026 को शिर्डीपुरम कोलार रोड निवासी जगन्नाथ राठौर ने थाने में लिखित शिकायत दी। उन्होंने बताया कि वे एमपीईबी से रिटायर्ड कर्मचारी हैं और घर में अकेले रहते हैं। तीन दिन पहले उन्हें एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि उन्हें वॉट्सऐप वीडियो कॉल आई।
वीडियो कॉल पर मौजूद व्यक्ति ने खुद को CBI का सब-इंस्पेक्टर बताया और कहा कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। ठग ने धमकी दी कि इस दौरान वे किसी को कुछ नहीं बताएंगे। डर और दबाव में आकर पीड़ित से उनके एसबीआई खाते से 3 लाख रुपए RTGS के जरिए एक अन्य खाते में ट्रांसफर करा लिए गए। राशि खाता नंबर मिल्क मिल्क प्रोडक्ट्स, पुणे के नाम से बताए गए खाते में भेजी गई। ट्रांजैक्शन आईडी भी शिकायत में दर्ज कराई गई है।
कोलार पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस मोबाइल नंबरों और बैंक खाते की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी जांच एजेंसी या पुलिस ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई तरीका नहीं अपनाती। इस तरह की कॉल या वीडियो कॉल आए तो तुरंत उसे साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत करें।




