गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर के कारण सुनीता (परिवर्तित नाम) की तबियत बिगड़ती गई। उसकी चौथी डिलेवरी होनी थी इस वजह से उसे कई बार ब्लड चढ़ाया गया। लेकिन प्रसव के बाद उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ती गई। सुनीता को डायलिसिस करना पड़ा। आखिरकार उसकी किडनी खराब हो गई। हमीदिया अस्पताल में मंगलवार को सुनीता के पिता श्यामलाल ने अपनी किडनी डोनेट की। करीब तीन घंटे चले ऑपरेशन के बाद 56 साल के पिता की किडनी 27 वर्षीय बेटी को ट्रांसप्लांट की गई। हमीदिया अस्पताल में यह तीसरा किडनी ट्रांसप्लांट किया गया है।बेटी को लगा डेढ़ लाख का इंजेक्शनकरीब दो हफ्ते पहले भी सुनीता के ट्रांसप्लांट की तैयारी की गई थी, ऐनवक्त पर लेकिन पिता के पैरों में संक्रमण के कारण ट्रांसप्लांट टालना पड़ा था। डॉक्टरों की मानें तो चार डिलेवरी के दौरान सुनीता को कई बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया गया था। ऐसे में उसके शरीर में कई प्रतिकूल एंटीबॉडी बन गई थी। डॉक्टरों को इस वजह से शरीर में बाहरी किडनी के रिजेक्ट होने का डर था। डॉक्टरों ने उसे ट्रांसप्लांट के बाद डेढ़ लाख रूपए का इंजेक्शन लगाया। ताकि किडनी रिजेक्शन से बचाया जा सके।फिस्चुला हो चुका था खराबडॉक्टरों के मुताबिक कमजोरी के चलते रजनी की नसें भी खराब हो रही थीं, ऐसे में डायलिसिस के लिए जरूरी फिस्चुला भी नहीं बन पर रहा था। एक अस्पताल में फिस्चुला बनाया भी गया लेकिन वह खराब हो। ऐसे में डायलिसिस के लिए रजनी को परमैच लगाना पड़ा लेकिन किडनी खराब होने के कारण डॉक्टरों ने फिर पिता की सहमति और टेस्ट के बाद ट्रांसप्लांट का फैसला लिया था।




