भोपाल/सीहोर। मध्य प्रदेश में फर्जी एमबीबीएस डिग्री और सरकारी भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल पर आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने निलंबन की गाज गिरा दी है। सीहोर जिले के बिलकिसगंज में रेडियोग्राफर के पद पर तैनात हीरा सिंह को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के कड़े निर्देशों के बाद सस्पेंड किया गया है।
बता दें कि दमोह और जबलपुर में पकड़े गए तीन फर्जी डॉक्टरों से पूछताछ के बाद दमोह पुलिस ने 20 मई को हीरा सिंह को भोपाल से गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक 12 फर्जी डॉक्टरों के नाम सामने आ चुके हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि हीरा सिंह वर्ष 2021 में भी बैतूल में फर्जी नियुक्ति पत्र मामले में छह महीने जेल काट चुका है, लेकिन जमानत पर बाहर आते ही वह दोबारा सरकारी नौकरी में लौट आया और अपना नेटवर्क फिर सक्रिय कर लिया।
सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका
मामले में सीहोर सीएमएचओ और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है, जो शुरुआत में इस पर पर्दा डालते दिखे। पुलिस जांच के मुताबिक, हीरा सिंह स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम (NHM) के अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल चला रहा था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस रैकेट में विभाग के और कौन-से बड़े चेहरे शामिल हैं।




