भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में सोमवार सुबह 5 बजे टाइगर फिर दिखा। वह तालाब के पास घूम रहा था। इसके बाद इस एरिये को सील कर दिया गया। करीब 200 मीटर एरिये में किसी को भी आने-जाने नहीं दिया जा रहा है। गार्ड्स तैनात होकर नजर रखे हुए हैं। इधर, वन विभाग का अमला भी मौके पर मौजूद है। पिंजरे में शिकार रखकर टाइगर को ललचाया जा रहा है, लेकिन वह फंस नहीं रहा। ट्रैप कैमरों में उसकी नई तस्वीरें भी आई हैं। इधर, मैनिट में ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन क्लॉस शुरू होने स्टूडेंट्स नाराज है। उनका कहना है कि टाइगर के मूवमेंट के बावजूद उनकी ऑफलाइन क्लॉसेस चल रही है। इससे उन्हें खतरा है।
टाइगर का मूवमेंट सबसे पहले 2 अक्टूबर की रात में देखा गया था। बाइक सवार 3 स्टूडेंट्स ने टाइगर देखा था। इसके बाद से ही वन विभाग के 20 अधिकारी-कर्मचारियों की टीमें मैनिट में डेरा डाले हुए हैं। 8 दिन के भीतर टाइगर दो से तीन बार ट्रैप कैमरे में कैद हुआ, जबकि चार गायों पर हमला किया। इनमें से दो गायों की मौत हो गई। टाइगर के फुटप्रिंट भी पुलिया, आठ नंबर हॉस्टल और तालाब के आसपास मिले हैं। इसलिए 6 ट्रैप कैमरे और पिंजरों की मदद से टाइगर को पकड़ने की कोशिशें चल रही हैं। बावजूद वह पकड़ में नहीं आया है।




