रायसेन
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने मामले में कार्रवाई करते हुए रंजीत ठाकुर, श्रीराम ठाकुर, गौरव ठाकुर और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
आरोपियों ने उपार्जन समितियों के कंप्यूटर ऑपरेटरों और अधिकारियों से मिलीभगत कर उन किसानों की जमीनों का फर्जी पंजीयन कराया, जिन्होंने अपनी फसल बेचने के लिए कोई आवेदन नहीं किया था। इसके लिए कागजों में खुद को बटाईदार (सिकमीदार) दर्शाया गया, जबकि जमीन मालिकों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
सस्ती मूंग खरीदकर सरकारी केंद्रों पर बेची
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने स्थानीय व्यापारियों और बरेली मंडी से 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल से भी कम कीमत में घटिया किस्म की मूंग खरीदी। इसके बाद इस घटिया मूंग को सरकारी उपार्जन केंद्रों पर समर्थन मूल्य (वर्ष 2024-25 में 8,558 रुपए और 2025-26 में 8,682 रुपए प्रति क्विंटल) पर बेचकर भारी मुनाफा कमाया।
इस फर्जीवाड़े के जरिए श्रीराम ठाकुर को करीब 8.60 लाख रुपए, रंजीत ठाकुर को करीब 2.40 लाख रुपए और गौरव ठाकुर को करीब 2.33 लाख रुपए का अनुचित लाभ हुआ। कुल मिलाकर इस खेल में शासन को करीब 13.35 लाख रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। EOW ने आरोपियों के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।




