विदिशा। बेतवा नदी के स्टॉप डैम के खंभों पर छलांग लगाकर स्कूल जाने वाले बच्चों का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है। आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
ककरुआ और आसपास के गांवों के बच्चों को हाई स्कूल की पढ़ाई के लिए पलोह जाना पड़ता था। गांव में स्कूल नहीं होने के कारण सड़क मार्ग से करीब 15 किलोमीटर का चक्कर बचाने के लिए बच्चे बेतवा नदी के स्टॉप डैम से होकर नदी पार करते थे। इससे उनकी जान को लगातार खतरा बना रहता था।
बच्चों के जोखिम भरे सफर का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए तीन दिन में बंधेरा में हाई स्कूल शुरू कर दिया। वहीं, पलोह-ककरुआ के बीच बेतवा नदी पर स्थायी पुल बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल स्टॉप डैम के खुले हिस्सों पर लोहे की जालियां लगाई गई हैं।
इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट भी प्रशासन से निरीक्षण रिपोर्ट मांग चुका है। वहीं, लापरवाही को लेकर जनपद पंचायत सीईओ तथा ग्राम पंचायत मुंडरा हरिसिंह के सरपंच और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।




