छतरपुर। छतरपुर की सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बैंक खाते किराए पर लेकर साइबर ठगी का नेटवर्क चलाने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी सतना जिले के नागौद क्षेत्र के उमरी गांव का निवासी अंकुश विश्वकर्मा है। उसके पास से 6 एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और चार बैंक खातों के दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पुलिस को सूचना मिली थी कि झांसी-छतरपुर हाईवे पर लाइफलाइन हॉस्पिटल के पास एक संदिग्ध युवक साइबर फ्रॉड की गतिविधियों में संलिप्त है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर जांच करने पर बरामद खातों से जुड़ी विभिन्न राज्यों की 9 साइबर शिकायतें दर्ज पाई गईं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
कमीशन देकर युवाओं से लेता था खाते
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश सिंह ने बताया कि आरोपी स्थानीय युवाओं को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेता था। इन्हीं खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी और बाद में निकाल ली जाती थी। खाते में होल्ड या बैन लगते ही आरोपी उसके एटीएम कार्ड तोड़कर फेंक देता था।
पूछताछ में गिरोह के एक अन्य सदस्य का नाम भी सामने आया है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने खातों का इस्तेमाल और कितनी रकम का हेरफेर किया जा चुका है। इस कार्रवाई में साइबर प्रभारी उप निरीक्षक नेहा सिंह गुर्जर और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही।




