ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) की मेजबानी के लिए भोपाल सजकर तैयार है। सजावट ऐसी कि हर सड़क-चौराहा, हर गली-बाजार सब चकाचक। बारिश के बाद गड्ढों और धूल से बदहाल सड़कें अब चमक रही हैं। सभी प्रमुख सड़कों पर जरूरत के मुताबिक नए निर्माण से लेकर रिपेयरिंग का काम किया गया है। सेंट्रल वर्ज, फुटपाथ और रोड साइड पेड्रों पर ऐसे लाइटिंग हुई है, मानो पूरा शहर ही मेहमानों के इस्तकबाल में रोशन हो गया हो।
शहर में रंग-बिरंगी लाइटिंग से लेकर आकर्षक पेंटिंग और व्यू कटर का काम नगर निगम ने किया है। इस पर 30 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए गए हैं। लाइटिंग पर करीब 5 करोड़ रुपए खर्च किए गए। शहर के 13 प्रमुख तिराहों और चौराहों पर बड़ी हाई मास्क और 10 में छोटी हाई मास्क लाइट लगाई हैं। 25 नए फाउंटेन लगाए गए हैं। मेहमानों के आने-जाने वाले रास्तों पर 3000 हजार से ज्यादा सजावटी गमले रखे गए हैं।
आकर्षक पेंटिंग, लाइटिंग, गमलों और फव्वारों से सजी सड़कें मेहमानों के स्वागत को तैयार…
पीडब्ल्यूडी ने 146 करोड़ से किए 140 विकास कार्य… पीडब्ल्यूडी ने 52 सड़कों और 9 गेस्ट हाउस को संवारने का काम किया। सड़कों की रिपेयरिंग के साथ रोड मार्किंग और सेफ्टी मेजर्स का काम किया गया है। साथ ही रोड के दोनों ओर पेवर ब्लॉक लगाने पर भी राशि खर्च की है।
साढ़े तीन करोड़ से संवारा स्टेट हैंगर
- जीआईएस में आने वाले अतिविशिष्ट मेहमानों की आवभगत के लिए स्टेट हैंगर पर पीडब्ल्यूडी ने 3 करोड़ 52 लाख रुपए के काम कराए हैं।
- वीआईपी गेस्ट हाउस, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, सर्किट हाउस और चार इमली शासकीय आवास के रेनोवेशन और सौंदर्यीकरण पर करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से काम कराए गए हैं।
- बड़ा तालाब, छोटा तालाब, भदभदा और मंत्रालय के आसपास की सड़कों पर खास फोकस के साथ काम हुआ है।
15 दिन में 5000 बिजली के खंभों पर पुताई
बिजली कंपनी ने 15 दिन में 10 हजार लीटर एल्युमिनियम कलर से बिजली के 5 हजार खंभों की पुताई कराई है। खंभों की रंगाई पुताई के कारण ही इन 15 दिनों में इतना शटडाउन लेना पड़ा, जितना पिछले तीन महीनों में लिया गया था।




