भोपाल:
राजधानीवासियों को जल्द ही घर के पास ही सांची के दूध और दुग्ध उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ‘सांची ऑन व्हील्स’ (मोबाइल मिल्क पार्लर) शुरू किया जा रहा है। यह मोबाइल वैन शहर के उन दूर-दराज और अंदरूनी इलाकों में पहुंचेगी, जहां अभी सांची के पार्लर या बूथ नहीं हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन को आगे बढ़ाते हुए सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने इसके निर्देश दिए हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य सहकारिता को केवल समितियों तक सीमित न रखकर युवाओं और महिलाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ना है।
जानिए कैसे काम करेगा यह मोबाइल पार्लर:
- किफायती खर्च और बैंक लोन: एक मोबाइल मिल्क पार्लर तैयार करने में करीब 6.50 लाख रुपये का खर्च आएगा, जिसके लिए सहकारी बैंकों से लोन दिलाया जाएगा। दुग्ध संघ सांची की ब्रांडिंग वाला 140 लीटर क्षमता का रेफ्रिजरेटर मुफ्त उपलब्ध कराएगा।
- मिलेगी दोहरी कमाई: इसका संचालन सहकारी समितियों के सदस्य करेंगे। इन्हें उत्पादों पर होलसेलर वाला कमीशन और बिक्री के आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी।
- एक गाड़ी में कई उत्पाद: इस मोबाइल पार्लर में सांची के दूध-दही और पनीर के अलावा अन्य सहकारी संस्थाओं के उत्पाद भी एक ही छत के नीचे मिलेंगे।
प्रशासन की योजना है कि भोपाल में पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे पूरे मध्य प्रदेश में लागू किया जाएगा। अक्टूबर के अंत तक इसकी सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।



