भोपाल । राजधानी में पिछले 72 घंटे से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था शनिवार को पटरी पर लौट आई। सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म होते ही नगर निगम के अमले ने रातभर में मोर्चा संभाला और महज 13 घंटे में शहर के प्रमुख बाजारों से लेकर कॉलोनियों तक फैला कचरा साफ कर दिया। बीती रात 8 बजे से शुरू हुआ यह महाअभियान शनिवार सुबह 9 बजे तक चला, जिसमें न्यू मार्केट समेत प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों की पानी से धुलाई तक कराई गई।
वेतन वृद्धि की मांग को लेकर 7 हजार से ज्यादा सफाईकर्मियों के मैदान छोड़ने से शहर भर में कचरे के ढेर लग गए थे। नगर निगम के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब लगातार तीन दिन तक सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप रही। संकट बढ़ता देख मंत्री कृष्णा गौर की पहल पर यूनियन पदाधिकारियों की मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कराई गई। वार्ता सकारात्मक रहने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन वापस ले लिया और तुरंत काम पर लौट आए।
हड़ताल खत्म होते ही प्रशासनिक अमला भी सक्रिय दिखा। महापौर मालती राय, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने रात में 10 नंबर मार्केट पहुंचकर खुद झाड़ू लगाई। हालांकि, चर्चा यह भी रही कि तीन दिनों तक जनता के परेशान होने के दौरान कोई जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि सड़कों पर नहीं उतरा, लेकिन हड़ताल खत्म होते ही अधिकारियों ने झाड़ू थामकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। शनिवार दोपहर तक पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो गई।




