भोपाल: राजधानी में पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार से शहर में इलेक्ट्रिक बसों (ई-बस) का ट्रायल रन शुरू हो गया है। बैरागढ़ डिपो से सुबह इन बसों को हरी झंडी दिखाकर तीन प्रमुख रूटों पर उतारा गया। अगले 5 दिनों तक इन बसों का परीक्षण चलेगा, जबकि अगस्त महीने से आम नागरिक इन बसों में सफर कर सकेंगे।
ट्रायल से जुड़ी मुख्य बातें:
- समय और शिफ्ट: ट्रायल दो शिफ्टों में हो रहा है—पहली सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक।
- यात्रियों के लिए प्रतिबंध: यह सिर्फ ड्राई रन है, इसलिए आम यात्रियों के लिए सफर अभी प्रतिबंधित है। हालांकि, स्थानीय पार्षदों को इसमें शामिल किया जाएगा।
- तैयारी और जांच: इस दौरान रूट की व्यवहारिकता, चार्जिंग व्यवस्था और तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच हो रही है।
किन रूटों पर दौड़ रहीं बसें?
बैरागढ़ डिपो से शुरू होकर ये बसें पुराने भोपाल से होते हुए बोर्ड ऑफिस, भोपाल रेलवे स्टेशन (प्लेटफॉर्म नंबर-1) और कोलार के बैरागढ़ चीचली रूट पर चलाई जा रही हैं। इससे पुराने भोपाल से कोलार तक का सफर आसान होगा।
बेड़े में शामिल होंगी और नई बसें:
- मौजूदा स्थिति: भोपाल में अब तक 21 ई-बसें आ चुकी हैं।
- आने वाली बसें: अगले 10 से 12 दिनों में 20 और नई बसें शहर पहुंच जाएंगी।
- चार्जिंग सुविधा: बैरागढ़ डिपो में बसों की चार्जिंग के लिए 11 चार्जर पॉइंट तैयार किए गए हैं, ताकि नियमित संचालन में कोई रुकावट न आए।




