इंदौर। इंदौर की पॉक्सो (POCSO) स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी मनीष अर्चवाल को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश ने आरोपी पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
क्या है मामला?
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने मार्च 2023 में लसूड़िया थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि आरोपी से उसकी जान-पहचान पारिवारिक कार्यक्रमों के दौरान हुई थी। साल 2017 में आरोपी ने शादी का झांसा देकर दोस्ती की और 2018 में पहली बार अपने घर बुलाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी फरवरी 2023 तक पीड़िता को अलग-अलग होटलों में ले जाकर दुष्कर्म करता रहा। जब भी पीड़िता शादी का दबाव बनाती, वह बात टाल देता था।
न्यायालय का फैसला:
विशेष लोक अभियोजक वर्षा पाठक ने बताया कि मामले में 10 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मेडिकल साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने मनीष को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल)/6 के तहत 20 साल और अपहरण (धारा 366) के मामले में 5 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही, कोर्ट ने पीड़िता को पहुंची मानसिक और शारीरिक क्षति के लिए ‘पीड़ित प्रतिकर योजना’ के तहत 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की अनुशंसा भी की है।




