भारतीय किसान संघ ने मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपे। उन्होंने प्रदेश में 2700 रुपए प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीने की मांग की। साथ ही बिजली की पर्याप्त आपूर्ति की भी मांग उठाई।
भोपाल में दोपहर 1 बजे किसान संघ ने कलेक्टोरेट पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर राजेश सोरते को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले वे रैली के रूप में कलेक्टोरेट पहुंचे। नारेबाजी करते हुए उन्होंने सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
गाड़ी में आग लगाने वाले किसान को न्याय मिले कलेक्टोरेट पहुंचे किसानों ने गाड़ी में आग लगाने वाले किसान परिवार को न्याय देने की मांग की। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि परेशान होकर किसान ने यह कदम उठाया है। इसलिए उसे न्याय मिलना चाहिए। किसान संघ उसके साथ है।
इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
- भाजपा ने घोषणा पत्र में 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने की घोषणा की थी, इसे पूरा किया जाए।
- प्रदेश में धान का रकबा बहुत अधिक हो गया है। इसलिए प्रदेश को बासमती का दर्जा दिया जाए। धान समर्थन मूल्य पर खरीदी से 1000 रुपए क्विंटल कम पर बिक रहा है। धान को 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा जाए।
- सितंबर में भारतीय किसान संघ ने सोयाबीन को लेकर पूरे प्रदेश में जन आंदोलन चलाया था। उस समय मुख्यमंत्री ने 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल के रेट से सोयाबीन खरीदने का आश्वासन दिया था। सोयाबीन इसी रेट पर खरीदा जाए।
- खाद की जरूरत को ध्यान में रखकर उसकी पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
- रेसई परियोजना को बैरसिया होते हुए सम्राट अशोक सागर बांध से जोड़ा जाए। वहीं, टेम परियोजना को सिंचाई के लिए जममेरी में फुल स्टॉक किया जाए।
- कृषि पंप के लिए बिजली बिना ट्रिपिंग के 10 घंटे दी जाए। जर्जर तार और पोलों को बदला जाए।




