भोपाल
आपसी विवाद के चलते नाबालिग पीड़िता की मां ने युवक के खिलाफ अश्लील हरकत करने का मामला दर्ज कराया था। हालांकि भोपाल जिला न्यायालय की विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कुमुदिनी पटेल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सबूतों के अभाव में आरोपी हिमांशु गांधी को बरी कर दिया।
मामला बेहद अजीब है। दरअसल, आरोपी हिमांशु गांधी की मां गली के कुत्तों को रोटी खिलाती थीं और उन्हें ‘बाबू-बाबू’ कहकर बुलाती थीं। इसी नाम से पीड़िता को भी घर में पुकारा जाता था। बस, इसी बात को लेकर पीड़िता की मां और आरोपी की मां के बीच बहस हो गई। यही नहीं, पड़ोस में कचरे को लेकर भी दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। इसी झगड़े के बाद पीड़िता की मां ने आरोपी के खिलाफ अश्लील हरकत करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने और गवाह के बयान को ध्यान में रखते हुए पाया कि आरोपों को साबित करने के लिए ठोस सबूत नहीं हैं। लिहाजा, विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने आरोपी हिमांशु गांधी को बरी करने का फैसला सुनाया।
गवाह ने बताया पूरी कहानी
कोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से गवाह के रूप में अखिल खन्ना को पेश किया गया। अखिल ने बताया कि 8 नवंबर 2020 की शाम वह फुटबॉल खेलने मैदान पहुंचा था। मैदान के सामने ही आरोपी हिमांशु गांधी का फ्लैट है। उसी दौरान पीड़िता की मां बालकनी से बाहर आकर हिमांशु की मां को गाली देने लगीं और आरोप लगाया कि वह उसकी बेटी का नाम लेकर कुत्तों को बुला रही हैं। शोर सुनकर सोसाइटी के दो-तीन लोग और सेक्रेटरी विनय पांडे मौके पर आ गए। इसके बाद उसी रात पुलिस ने हिमांशु गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
कोर्ट में पीड़िता ने नहीं लगाए आरोप कोर्ट में पीड़िता ने नहीं लगाए आरोप थाने में दी गई शिकायत में पीड़िता की मां ने कहा था कि आरोपी ने उसकी नाबालिग बेटी के साथ अश्लील हरकतें की थीं। हालांकि, जब कोर्ट में पीड़िता का बयान दर्ज किया गया, तो उसने यह नहीं कहा कि हिमांशु ने उसके साथ कोई अश्लील हरकत की थी। उसने सिर्फ इतना बताया कि हिमांशु उसे परेशान करता था और इसी की शिकायत लेकर उसकी मां आरोपी के घर गई थी। वहां कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और फिर केस दर्ज करा दिया गया।




