बैंक ऑफ महाराष्ट्र में गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जा रही है। ऑल इंडिया बैंक ऑफ महाराष्ट्र एम्प्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर भोपाल सहित देशभर की 2500 शाखाओं के 5349 बैंक कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने बैंक के उच्च प्रबंधन की तानाशाही और कर्मचारी विरोधी नीतियों का विरोध किया। हड़ताल के कारण बैंक का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा।
राजधानी भोपाल में सैकड़ों हड़ताली कर्मचारी सुबह 11 बजे टीटी नगर स्थित बैंक शाखा के सामने एकत्रित हुए। मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले अन्य बैंकों के कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शन के बाद सभा हुई, जिसमें बैंक कर्मचारी नेताओं वीके शर्मा, दीपक रत्न शर्मा, अशोक पंचोली, किशन खैराजानी, कैलाश माखीजानी, गुणशेखरन, जेपी दुबे, सत्येन्द्र चौरसिया, प्रभात खरे, राजीव उपाध्याय, योगेश मनूजा, बीएल पुष्पद, उमेश शाक्या, प्रदीप कटारिया, अवध वर्मा एवं महिला प्रतिनिधि के रूप में निश्चला शर्मा आदि ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने बताया कि पिछले एक दशक में बैंक के कारोबार में लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि कर्मचारियों की संख्या में लगभग 40 प्रतिशत की कमी हुई है। हालांकि इस अवधि के दौरान उन्नत प्रौद्योगिक पेश की गई है एवं अन्य वैकल्पिक वितरण चैनलों को मजबूत किया गया है। सरकार के जन, धन, जीवन सुरक्षा, जीवन ज्योति, अटल पेंशन, मुद्रा, स्वनिधि, फसल ऋण, फसल बीमा आदि जैसे अन्य कई प्रकार की सरकारी योजना/ व्यवसाय को जिम्मेदारियां दी गई हैं।
जिसके फलस्वरूप काउंटरों पर काम के बोझ में अभूतपूर्व असर हो रहा है। ग्राहक सेवा पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इसके बाद भी यदि बैंक ऑफ महाराष्ट्र के उच्च प्रबंधन द्वारा मांगों का सम्मानजनक निराकरण नहीं किया तो अनिश्चतकालीन राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की जाएगी।

हड़ताली कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- पर्याप्त संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, चपरासी और सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जाए।
- द्विपक्षीय समझौतों का पालन किया जाए।
- मेजोरिटी यूनियन के साथ किए गए समझौतों का क्रियान्वयन करें।




