भोपाल | राजधानी में शनिवार को जिला प्रशासन की कार्रवाई दो अलग-अलग वजहों से चर्चा में रही। बावड़ियाकलां में 35 परिवारों के विस्थापन पर पर्यावरण और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं अरेड़ी में करोड़ों की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं से मुक्त कराया गया।
ग्रीन बेल्ट और हाईटेंशन लाइन के नीचे बसावट का विरोध
दीपक नगर (बावड़ियाकलां) की झुग्गी बस्ती से हटाए गए 35 परिवारों को प्रशासन ने आनन-फानन में बाग मुगालिया एक्सटेंशन में शिफ्ट कर दिया है। इस फैसले का स्थानीय रहवासियों और पर्यावरणविदों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है।
- खतरे में जान: जिस जगह परिवारों को शिफ्ट किया गया है, वहां से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
- हरियाली पर संकट: पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी का कहना है कि यह इलाका ग्रीन बेल्ट के अंतर्गत आता है और यहां सैकड़ों पेड़ लगे हैं। श्मशान घाट के सामने इस तरह की बसावट से हरियाली और जनजीवन दोनों पर संकट खड़ा हो गया है।
- कलेक्टर से गुहार: मामले की शिकायत कलेक्टर प्रियंक मिश्रा से की गई है। मांग है कि पुनर्वास किसी सुरक्षित और बेहतर स्थान पर हो ताकि पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।
अरेड़ी में 5 करोड़ की सरकारी जमीन मुक्त
दूसरी ओर, हुजूर तहसील के ग्राम अरेड़ी में प्रशासन ने अवैध कब्जे पर बड़ा प्रहार किया। एसडीएम विनोद सोनकिया के नेतृत्व में खसरा नंबर 292 और 293 की 2 एकड़ सरकारी जमीन से कब्जा हटाया गया।
- बाजार मूल्य: मुक्त कराई गई जमीन की कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
- आगामी योजना: प्रशासन के अनुसार, इस बेशकीमती जमीन का उपयोग अब सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही।




