बैतूल/आमला। जिला अदालत ने नकली नोट रखने और छापने के बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी मोहन मालवीय (निवासी अमनी) को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा।
पुलिस ने वर्ष 2023 में आमला बस स्टैंड से मोहन को गिरफ्तार करने और उसकी तलाशी में ₹100 के 8 नकली नोट बरामद होने का दावा किया था। इसके अलावा उसके घर से कंप्यूटर, कलर प्रिंटर और हार्ड डिस्क भी जब्त की गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्रवाई में कई गंभीर खामियां सामने आईं। गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास मिला। गवाह ने अदालत में साफ किया कि बस स्टैंड पर न तो तलाशी हुई और न ही कोई जब्ती, बल्कि उन्हें सीधे थाने लाया गया था।
बचाव पक्ष के वकील राजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि आरोपी ने नकली नोट बनाए थे या उन्हें बाजार में चलाने की कोशिश की थी। जब्ती प्रक्रिया संदिग्ध पाए जाने पर कोर्ट ने आरोपी को बरी करने का आदेश दिया।




