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थाना एम.पी. नगर ने किया अपरहण की सनसनीखेज वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा

2. अपहृत बरामद एवं आरोपी हुए गिरफ्तार 3. एक फोन कॉल के आधार पर मिली लीड 4. बदले की भावना के कारण दिया था वारदात को अंजाम घटना का संक्षिप्त विवरण –थाना एम.पी.नगर भोपाल मे दिनांक 22/04/2022 को दुर्गविजय सिंह निवासी ग्राम सिकरौर सहवरी थाना सरायमीर जिला आजमगढ उ.प्र. ने रिपोर्ट किया कि उसके विरुद्ध पंजीवद्ध अपहरण के प्रकरण मे जमानत कराने भोपाल न्यायालय अपने भाई रणविजय सिंह व अन्य परिचितो के साथ भोपाल न्यायालय आया था पेशी उपरांत 5/30 बजे शाम करीब कोर्ट से बाहर आते समय स्वतन्त्र गुप्ता, गुन सागर गुप्ता लल्लन गुप्ता व रोहित महाराज व अन्य लोग विवाद करने लगे तब हम लोग जल्दी जाने का प्रयास करने लगे व मेरे भाई रणविजय सिंह गाडी लाने के लिये न्यायालय के मुख्य गेट के बाहर निकले तभी यह लोग मेरे भाई के साथ मारपीट कर उसका अपहरण कर ले गये। जिस पर अपराध धारा 365 भादवि का पंजीवद्ध कर विवेचना मे लिया गया। *कैसे पहुंचे आरोपी तक-* रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद से जब भी आरोपी गणों को थाने बुलाया जा रहा था वह इकट्ठे ना आकर दो-दो लोग थाने आ रहे थे यह बात पुलिस को शंका पैदा कर रही थी  मामले की जांच के दौरान अचानक ही जांचकर्ता अधिकारी सब इंस्पेक्टर परिहार के नंबर पर एक फोन आता है जिसमें सामने से अपहृत व्यक्ति रणविजय बोल रहा होता है कि मेरे मामले में आगे कार्यवाही मत करना मैं थोड़ी देर में स्वयं ही थाने उपस्थित आ जाऊंगा, यह बात आरोपियान द्वारा अपहता रणविजय को दवाब देकर कहलवायी जा रही थी ।  चूंकि सब इंस्पेक्टर परिहार ने इसी नंबर का उपयोग आरोपी गणों को सर्वप्रथम शिकायत प्राप्त तस्दीक होने पर बुलाने में किया था जिसने पुलिस को यह एंगल मिला कि यह नंबर रणविजय के पास जो अपहृत है कहां से आया? क्योकि रणविजय प्रथम बार भोपाल आया था ।  पुलिस के नंबर पर अपह्त रणविजय सिंह द्वारा फोन करने पर यह प्रमाणित कर रहा था कि सब इंस्पेक्टर परिहार का नंवर आरोपीगण के पास था ।तब शक की सुई आरोपी गणों की तरफ घूम गई थी जो लगातार इस बात से इंकार कर रहे थे कि उन्होंने किसी भी प्रकार की कोई घटना अपरहण अथवा मारपीट नही की है। * राजधानी में अदालत के सामने से सरेराह हुई इस तरह की घटना मैं समस्त वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार कर लगातार मॉनिटरिंग कर इस घटना को ट्रेस करने तथा अपरहण की बरामदगी के निर्देश थाना एमपी नगर प्रभारी सुधीर अरजरिया और उनकी टीम को दिए थे, क्योंकि आशंका थी कि कहीं बदले की भावना के वशीभूत आरोपी गण अपहृत के साथ कोई अन्य गंभीर वारदात ना घटित कर बैठे। अतः लगातार टीमें बनाकर दबिश दिए जाने से अंततः प्रथक प्रथक सख्ती एवं हिकमत अली से पूछताछ की गई तो आरोपी गण टूट गए तथा उन्होंने खुलासा करते हुए बताया कि उनके घर की बच्ची के अपहरण के मामले में जब दुर्गविजय सिंह को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी और इनकी बच्ची भी बरामद नहीं हुई थी तो सभी एकदम मायूस हो गए और उन्हें लगा कि अब कानून के रास्ते पर चलने के बजाय हो सकता है कानून हाथ में लेने से उन्हें उनके घर की बच्ची मिल जाए और इसी कारण उन्होंने दुर्गविजय के बड़े भाई रणविजय जो कि पहली बार भोपाल आया था (अपने भाई की जमानत के लिए) का अपहरण अदालत के सामने से उठाकर वह हाईवे के विभिन्न रोड ऊपर घुमाते रहे ताकि किसी तरह की चेकिंग में ना पकड़े जाएं एवं प्रातः 4:00 मिनाल रेजीडेंसी के उस घर में जहां इनके अन्य कर्मचारी रहते हैं रणविजय को लाकर रख दिया था और दबाव बनाने लगे कि रणविजय बताएं कि उनके घर की बच्ची कहां है। बुलाये जाने पर पर स्वयं चारों आरोपी गण थाने पर उपस्थित हो रहे थे ताकि उन पर किसी प्रकार का शक पुलिस को न हो और इस दौरान वह अपने अन्य दो साथियो को अपहत रणविजय की सुरक्षा मे छोडकर आते थे। *गिरफ्तार आरोपी –* 1. स्वतंत्र गुप्ता बाबू पिता स्व. राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता उम्र 48 साल नि. बी 75 ऑल्ड मिनाल रेसीडेंसी अयोध्या नगर भोपाल 2. गुन सागर गुप्ता पिता पिता स्व. राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता उम्र 46 साल नि. बी 75 ऑल्ड मिनाल रेसीडेंसी अयोध्या नगर भोपाल 3. लल्लन गुप्ता पिता शिवनारायण गुप्ता उम्र 32 साल नि. ग्राम बामौर झांसी उ.प्र. 4. रोहित शर्मा पिता कृपाशंकर शर्मा उम्र 30 साल नि. बी 75 ऑल्ड मिनाल रेसीडेंसी अयोध्या नगर भोपाल 5. अमित शर्मा पिता पिता रमेश चंद्र शर्मा उम्र 34 साल नि. बैंक कॉलोनी थाना ठाठीपुर ग्वालियर *फरार आरोपी-* अभिषेक गुप्ता पिता बैकुंठनारायण गुप्ता निवासी मिनाल रेसीडेंसी भोपाल प्रकरण मे जप्त सामग्री- आरोपियान द्वारा अपह्त रणविजय सिंह के अपहरण उपरांत उससे उसके पास रखे उसके दस्तवाजे रणविजय का परिचय पत्र तथा वैंक के एटीएम कार्ड उसके बारे मे और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिये तथा उसके पास रखे 68000/- रूपये नगद ले लिये थे जो आरोपियान से जप्त किये गये है। थाना एमपी नगर की पुलिस टीम द्वारा विभिन्न एंगल से लगातार पूछताछ और टेक्निकल लीड के आधार पर इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा 24 घंटे के अंदर ही कर अपहृत को सुरक्षित बरामद किया एवं आरोपी गण की गिरफ्तारी की गई है जिसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप पूरी टीम को नगद पुरस्कार की अनुशंसा की गई है। *सराहनीय भूमिका-* थाना प्रभारी थाना एम.पी.नगर निरी. सुधीर अरजरिया, उनि.आनंद सिंह परिहार, उनि. केशांत शर्मा, सउनि. गंगा सिंह, सउनि. सतेंद्र दुवेदी, प्रआर. लक्ष्मीनारायण।

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