भोपाल। शहर के कोहेफिजा इलाके में तीन महीने पहले हुई एक एमबीबीएस छात्रा की खुदकुशी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। शनिवार देर रात उसी मकान के मालिक विजय राठौर ने भी आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद मृतक की पत्नी ने छात्रा के परिजनों और पुलिस पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
फरवरी माह में गांधी मेडिकल कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा रोशनी ने किराए के कमरे में खुदकुशी कर ली थी। जांच में छात्रा के मोबाइल से मिले सुसाइड नोट में पढ़ाई के तनाव का जिक्र था, लेकिन छात्रा के परिजन इसे हत्या बता रहे थे।
पत्नी का आरोप: “झूठे केस की धमकी और पुलिसिया पूछताछ से थे परेशान”
मृतक विजय राठौर की पत्नी करुणा का आरोप है कि छात्रा के परिजन लगातार उनके पति को झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे। साथ ही, पुलिस भी पूछताछ के नाम पर उन्हें घंटों थाने में बैठाकर रखती थी। पत्नी के मुताबिक, इसी मानसिक तनाव और डिप्रेशन के कारण विजय ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
पुलिस की कार्रवाई
कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला के अनुसार, मर्ग कायम कर लिया गया है। मृतक की बेटी के बेंगलुरु से लौटने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खास बात: छात्रा रोशनी ने मरने से पहले अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि “नीट निकालना आसान है, लेकिन एमबीबीएस की पढ़ाई बहुत कठिन है।” पुलिस की एसआईटी (SIT) इस पूरे मामले की जांच कर रही है।



