इंदौर के खजराना थाने में पुलिसकर्मियों और युवकों के बीच विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। घटना रविवार रात की है, जब एक कार में युवक-युवतियों की चेकिंग के दौरान दो युवक नशे में पाए गए। युवकों ने पुलिस से युवतियों को घर भेजने की मांग की, लेकिन महिला पुलिसकर्मी मौजूद न होने के बावजूद सभी को थाने भेज दिया गया।
युवकों का आरोप – पुलिस ने की मारपीट
युवकों का आरोप है कि पुलिस ने न केवल उनके साथ अभद्रता की, बल्कि थाने में उनके साथ मारपीट भी की। शशांक पांडे ने बताया कि जब वह अपने जबलपुर से आए चार दोस्तों और दो युवतियों के साथ कार में थे, तब चेकिंग के दौरान पुलिस ने उन्हें रोका।
उन्होंने खुद शराब नहीं पी थी और गाड़ी चला रहे थे, जो ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में भी साफ हो गया। बावजूद इसके, पुलिस ने उनके दोस्त अरुण पांडे की जांच की, जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने चालान बनाकर शशांक से हस्ताक्षर करवा लिए।

महिला कांस्टेबल नहीं थी, फिर भी युवतियों को भेजा थाने
शशांक के मुताबिक, पुलिस ने चालान बना दिया था, तब भी उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई। लेकिन जब उन्होंने अनुरोध किया कि युवतियों को टैक्सी आने तक कार में बैठने दिया जाए, तो पुलिस ने उनकी बात नहीं मानी और महिला पुलिसकर्मी मौजूद न होने के बावजूद सभी को थाने भेज दिया।
थाने में मारपीट, रातभर परेशान किया
थाने में युवकों को परिसर में बैठाया गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन बाहर निकालने की कोशिश की, जिस पर विवाद हो गया। शशांक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। उन्हें लड़कियों को लेकर जबरन बाहर खड़ा होने को कहा गया,जिसके चलते वे पूरी रात परेशान होते रहे और सुबह 4 बजे घर पहुंचे।
टीआई मनोज सेंधव ने बताया
“जिस परिस्थिति में चालान बनाया गया, उसमें कार चला रहा युवक नशे में था। वहीं, युवक-युवती तीन घंटे से ज्यादा समय तक थाना परिसर में बैठे बातें कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें थाने से जाने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने खुद ही विवाद किया और वीडियो बनाना शुरू कर दिया।”
डीसीपी जोन-2 अभिनव विश्वकर्मा ने कहा कि यदि गलत चालानी कार्रवाई की गई है और थाना परिसर में युवकों के साथ अभद्रता या मारपीट हुई है, तो इसकी जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।




