इंदौर के चर्चित हनीट्रैप केस में कोर्ट ने शनिवार को आरोपी महिला पर चार्ज फ्रेम (आरोप तय) कर दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी की वकील ने इन्हें मानने से इनकार कर दिया। बता दें, इस मामले में इंदौर नगर निगम में सिटी इंजीनियर रहे हरभजनसिंह ने हनी ट्रैप की शिकायत की थी। 2019 में दर्ज केस में कुल 8 आरोपी बनाए गए थे।
शनिवार को इंदौर में अजा अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश देवेंद्र प्रसाद मिश्रा ने आरोपी मोनिका उर्फ सीमा पिता हीरालाल यादव पर आरोप तय कर दिए। कोर्ट ने जारी आदेश में भादसं की धाराओं 420, 120बी/385, 120बी/389, 467, 468 और 471 के तहत दोषी पाया है। मामले में अगली सुनवाई 8 फरवरी को होगी। कोर्ट ने आज सभी आरोपियों को व्यक्तिगत उपस्थिति के आदेश दिए थे।
हरभजन की शिकायत पर हुआ था हनीट्रैप का खुलासा
इंदौर में हनी ट्रैप कांड का खुलासा हरभजन सिंह की रिपोर्ट के बाद ही हुआ था। उन्होंने शिकायत में कहा था कि, कुछ युवतियां उन्हें वीडियो रिकार्डिंग के नाम पर ब्लैक मेल कर रही हैं। बाद में पुलिस ने भोपाल और इंदौर से चार युवतियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी युवती ने हरभजन सिंह के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की थी। इसके बाद हरभजन पर भी पुलिस ने केस दर्ज कर दिया था। फिर विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया था और उनका मुख्यालय रीवा कर दिया गया।
सस्पेंड के कुछ दिनों तक हरभजन इंदौर में ग्रेटर कैलाश मार्ग स्थित मकान में रहने चले गए थे। बाद में वे रीवा स्थित अपने पैतृक निवास पर रहने चले गए। जहां उनकी मौत हो गई। पत्नी और उनके बेटे भी कुछ समय से दूसरे शहर में रहने चले गए थे।
हनीट्रैप केस में 8 आरोपी, 6 महिलाएं
17 सितंबर 2019 में हनी ट्रैप मामला सामने आया था। नगर निगम इंदौर के तत्कालीन चीफ इंजीनियर हरभजन सिंह को कुछ युवतियों ने अश्लील वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल किया था। 3 करोड़ रुपए की मांग की गई थी, इसकी पलासिया पुलिस थाने में शिकायत की थी।
पुलिस ने 6 महिलाओं समेत 8 को आरोपी बनाया। आरती, मोनिका, श्वेता (पति विजय), श्वेता (पति स्वप्निल), बरखा को गिरफ्तार कर कोर्ट ने जेल भेज दिया था। इनके अलावा गाड़ी ड्राइवर ओमप्रकाश कोरी को भी गिरफ्तार किया गया था। बाद में सभी की जमानत हो गई थी।
इस केस में अभिषेक ठाकुर, रूपा भी आरोपी हैं। सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में कई खुलासे हुए थे। उसके अनुसार, भोपाल की आरती पति पंकज दयाल ने 18 वर्षीय बीएससी छात्रा मोनिका से दोस्ती करवाई।
फिर इंदौर के एक होटल में आरती ने मोबाइल से दोनों का वीडियो बनाया। उसके बाद ब्लैकमेल का खेल शुरू हुआ, जो आठ माह चला। इसमें तीन बार वे पैसे दे चुके थे, वहीं 50 लाख रुपए लेने आरती और मोनिका जब इंदौर आई तो उन्हें पकड़ लिया गया।




