ग्वालियर में डेढ़ साल पहले जेल प्रहरी की हत्या का प्रयास करने वाले आरोपी रंजीत को पुलिस ने मुरैना के दिमनी से गिरफ्तार कर लिया है। ग्वालियर थाना पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, ताकि फरारी के दौरान उसे शरण देने वालों पर शिकंजा कसा जा सके। इससे पहले, पुलिस आरोपी के चार साथियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
ग्वालियर थाना प्रभारी मिर्जा आसिफ बेग ने बताया कि साल 2023 में जेल प्रहरी विनोद पराछे पर 5 बदमाशों, रंजीत तोमर, रिंकू यादव, गगन यादव, गौतम यादव और सन्नी कमरिया ने चंदन नगर कलारी के पास जानलेवा हमला किया था। इस हमले में जेल प्रहरी की हालत गंभीर हो गई थी और उसे जयारोग्य अस्पताल (जेएएच) में भर्ती कराया गया था, जहां वह कई दिनों तक इलाज के लिए भर्ती रहा। इस घटना के बाद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रिंकू यादव, गगन यादव, गौतम यादव और सन्नी कमरिया को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी रंजीत तोमर फरार हो गया था और लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस ने ग्वालियर और मुरैना में उसके ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां कई बार दबिश दी, लेकिन हर बार वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था।
डेढ़ साल बाद घर लौटते ही पकड़ा गया
दो दिन पहले पुलिस को सूचना मिली कि रंजीत तोमर अपने घर आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम को उसकी घेराबंदी और गिरफ्तारी के लिए भेजा गया। टीम ने मुरैना के दिमनी में सावधानीपूर्वक उसके घर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गोत्र पूछने पर फंस गया आरोपी
गिरफ्तारी के दौरान जब पुलिस ने उससे नाम पूछा, तो उसने अपना नाम गौरव दीक्षित बताया। लेकिन जब पुलिस ने उसका गोत्र पूछा, तो वह घबरा गया और अपने पिता से पूछने का प्रयास करने लगा। पुलिस को उसकी घबराहट से शक हो गया और उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस उसे ग्वालियर ले आई और उससे पूछताछ कर रही है।




