इंदौर:
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की इंदौर टीम ने करीब 70 करोड़ रुपए की मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों की हैदराबाद और मंदसौर में स्थित 90 लाख रुपए से अधिक की अचल संपत्तियों को अंतरिम रूप से कुर्क कर लिया है।
किन आरोपियों पर हुई कार्रवाई?
ईडी के अनुसार, यह संपत्तियां ड्रग्स केस के मुख्य आरोपी वेद प्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल और अक्षय अग्रवाल से जुड़ी हैं।
क्राइम ब्रांच की एफआईआर से खुला मामला
इससे पहले इंदौर क्राइम ब्रांच ने वेद प्रकाश व्यास और अन्य आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। यह कार्रवाई करीब 70 करोड़ रुपए मूल्य की एमडी ड्रग्स के अवैध कब्जे और तस्करी से जुड़ी थी। इसी आधार पर ईडी ने PMLA के तहत केस दर्ज कर आरोपियों के वित्तीय लेनदेन और अवैध कमाई की गहराई से जांच शुरू की थी।
नकद लेनदेन और हवाला का शक
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ड्रग्स तस्करी के जरिए भारी-भरकम रकम कमाई थी। इस अवैध कमाई को अलग-अलग निजी और व्यावसायिक खातों के जरिए ट्रांसफर किया गया है। साथ ही, जांच के दौरान कई संदेहास्पद नकद लेनदेन और बयानों से यह खुलासा हुआ कि आरोपी नियमित कारोबार की आड़ में ड्रग्स की तस्करी कर रहे थे।
जुलाई में हुई थी ताबड़तोड़ छापेमारी
इस हाई-प्रोफाइल मामले में ईडी ने 17 जुलाई को इंदौर और मंदसौर में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी इस मामले में ड्रग सिंडिकेट के अन्य वित्तीय नेटवर्क की भी लगातार पड़ताल कर रही है।




