Wednesday, October 7, 2026
26.1 C
Bhopal

RPF जवान ने बचाई 2 साल की मासूम की जान

भोपाल रेलवे स्टेशन में तैनात आरपीएफ सुरक्षाकर्मी ने अपनी सतर्कता और मानवीयता से एक मासूम बच्ची आयशा की जान बचाई। घटना सुबह 9:30 बजे की है। जब ट्रेन संख्या 12537 भोपाल स्टेशन से रवाना होने के बाद प्लेटफार्म से निकल रही थी। जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ी, अचानक एसीपी (आपातकालीन ब्रेक) लगने की सूचना मिली। सुरक्षाकर्मी ने तुरंत घटना स्थल पर पहुंचकर देखा कि गार्ड से लगे जनरल कोच में हड़कंप मचा हुआ था। कोच में एक महिला जोर-जोर से चीख रही थी और मदद के लिए पुकार रही थी, “मेरी बच्ची को बचा लो।” इसी बीच आरपीएफ जवान विजय कौशल कोच में पहुंचे।

रेलवे की सरकारी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल

विजय ने महिला की गोद से बच्ची को लिया, जो बेहोश अवस्था में थी। तुरंत यात्रियों से पानी मंगवाकर बच्ची के मुंह पर पानी डाला, उसकी आंखें मली, हाथ-पैर रगड़े और सिर दबाया। कुछ ही देर में बच्ची को हल्का होश आ गया। बच्ची के माता-पिता घबराए हुए थे और रो रहे थे।

सुरक्षाकर्मी ने तुरंत बच्ची को अपनी गोद में लिया और प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचे, जहां एसआईपीएफ संध्या चौधरी ने बच्ची की हालत देखकर अस्पताल ले जाने की सलाह दी। गार्ड लॉबी के ड्राइवर हैदर ने स्थिति को समझते हुए अपनी सरकारी गाड़ी में बच्ची और उसके माता-पिता को बैठाकर नजदीकी आर.आर. अस्पताल, पुष्पा नगर, भोपाल पहुंचाया।

अस्पताल में डॉक्टर सुरेश कुमार ने बच्ची का तुरंत उपचार शुरू किया। बच्ची की स्थिति में सुधार आने के बाद सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी पर वापस लौट आया।

बच्ची के पिता ने कहा…

बच्ची के पिता, अब्दुल बाकिर (पिता सत्तार खान), निवासी घुर्रा तहसील जोरा, जिला मुरैना (म.प्र.) ने सुरक्षाकर्मी और रेलवे प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वह भोपाल से मुरैना की यात्रा कर रहे थे, यहां उनका ससुराल है, जहां वह परिजनों से मिलने आए थे। बाकिर ने बताया कि 18 जनवरी की रात अस्पताल में डाॅक्टर्स ने आयशा की छुट्‌टी की, आयशा के हाेंट उस समय नीले पड़ने लगे थे, शरीर अकड़ने लगा था। हम लोग बहुत घबरा गए थे। फिर वह पुलिस वाले भैया आए और उन्होंने हमारी बेटी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। मुझे लगता है कि अस्पताल दो किमी दूर था, हमें 5 से 7 मिनट लगे होंगे, हम मुरैना पहुंच गए हैं, आयशा को डॉक्टर्स ने निमोनिया बताया है। कहीं न कहीं निमोनिया की वीकनेस कारण आयशा के साथ ऐसा हुआ था।

बच्ची की हालत स्थिर

अनिल कुमार, पोस्ट प्रभारी, भोपाल स्टेशन आरपीएफ ने बताया कि, भोपाल स्टेशन पर 16 जनवरी सुबह करीब 10:45 बजे आरपीएफ जवान ने जनरल कोच में बच्ची को अटेंड किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्ची को तुरंत ही अस्पताल भेजा गया। बच्ची के अभिभावकों से बात करने पर पता चला बच्ची फिलहाल स्वस्थ है।

Hot this week

पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष: भोपाल के रवींद्र भवन में गूंजा विकसित भारत का संकल्प

​भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष...

सौतेली बेटी के गले पर कटर से हमला करने वाले पिता को 7 साल की सजा

​भोपाल: राजधानी के कोहेफिजा थाना इलाके में अपनी ही सौतेली...

गुना के लापता कोर्ट कर्मचारी का शव विदिशा में खेत पर फंदे से लटका मिला

​गुना/विदिशा: गुना जिला न्यायालय में कार्यरत कोर्ट कर्मचारी मनीष बाथम...

भोपाल के मिसरोद में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत: दहेज प्रताड़ना का आरोप

​भोपाल: राजधानी के मिसरोद इलाके में ढाई साल पहले ब्याही...

Topics

सौतेली बेटी के गले पर कटर से हमला करने वाले पिता को 7 साल की सजा

​भोपाल: राजधानी के कोहेफिजा थाना इलाके में अपनी ही सौतेली...

गुना के लापता कोर्ट कर्मचारी का शव विदिशा में खेत पर फंदे से लटका मिला

​गुना/विदिशा: गुना जिला न्यायालय में कार्यरत कोर्ट कर्मचारी मनीष बाथम...

भोपाल के मिसरोद में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत: दहेज प्रताड़ना का आरोप

​भोपाल: राजधानी के मिसरोद इलाके में ढाई साल पहले ब्याही...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img