MP कर्मचारी चयन मंडल की स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पैरामेडिकल स्टाफ भर्ती परीक्षा में इंदौर में एक फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ा गया। वह किसी और के नाम से परीक्षा दे रहा था। आरोपी राजस्थान का रहने वाला है और उसने दो लाख रुपए की डील कर परीक्षा देने आया था।
शनिवार को इंदौर के एमबी खालसा कॉलेज में ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर दूसरे सत्र में एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया, जो पवन रावत, निवासी जौरा (मुरैना) के नाम से परीक्षा दे रहा था। इसकी पहचान तब हुई जब बायोमेट्रिक और आयरिस स्कैन का मिलान नहीं हुआ। जांच में केवल एक अंगूठे की पहचान मेल खाई, जबकि परीक्षार्थी का फोटो भी असली उम्मीदवार से अलग पाया गया।
कुछ देर बाद कर्मचारी चयन मंडल के भोपाल स्थित कंट्रोल रूम के निर्देश पर कलेक्टर द्वारा नियुक्त फ्लाइंग स्क्वाड के सदस्य चरणजीत सिंह हुड्ढा (डिप्टी कलेक्टर), नागेंद्र त्रिपाठी (नायब तहसीलदार, मल्हारगंज) और डी.एस. चौहान (उप संचालक, उद्यानिकी विभाग) परीक्षा केंद्र पहुंचे और युवक से पूछताछ की। सही जानकारी न देने पर उसे आगे की कार्रवाई के लिए छत्रीपुरा पुलिस को सौंप दिया गया।
आरोपी का नाम राहुल है, वह राजस्थान का रहने वाला है और ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। उसने पवन के स्थान पर परीक्षा देने के लिए विजय नगर में किसी से दो लाख रुपए की डील की थी, जिसकी जांच जारी है। परीक्षा केंद्र के नोडल अधिकारी, डॉ.मनोहर दास सोमानी ने एफआईआर दर्ज कराने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी है।




