Thursday, May 14, 2026
30.1 C
Bhopal

सौरभ शर्मा ने नहीं कबूला-कैश और गोल्ड किसके:चेतन बनेगा मुख्य किरदार

भोपाल के मेंडोरी में इनोवा कार से जब्त किए गए 11 करोड़ रुपए कैश और 52 किलो गोल्ड के मामले में सबसे अहम किरदार चेतन सिंह गौर बनेगा। अब तक लोकायुक्त, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आयकर विभाग सौरभ शर्मा से यह कबूल नहीं करा सके हैं कि यह सोना और कैश उसका है। ऐसे में आयकर प्रोविजन के आधार पर चेतन सिंह गौर पर ही सारी जिम्मेदारी आएगी।

सौरभ शर्मा द्वारा कैश और गोल्ड खुद का न मानने की स्थिति में चेतन को या तो उसे स्वीकार करना होगा कि यह सब उसका है अन्यथा उसे यह साबित करना होगा कि यह सौरभ शर्मा का है। इसके साथ ही आयकर विभाग के अफसरों की जिम्मेदारी होगी कि कैश और ज्वेलरी के असली मालिक की तलाश करें।

आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों से अब तक तीन एजेंसियों लोकायुक्त, ईडी और आयकर विभाग ने पूछताछ की है। सूत्र बताते हैं कि अब तक हुई पूछताछ में सौरभ शर्मा ने यह स्वीकार नहीं किया है कि मेंडोरी में इनोवा कार में मिला सोना और कैश उसका है।

ऐसे में आयकर अफसरों के समक्ष यह परेशानी है कि उसके मालिक को सामने लाएं और अपनी जांच रिपोर्ट फाइल करें। सोमवार से शुक्रवार तक लगातार चार दिन तक केंद्रीय जेल में पहुंचकर पूछताछ कर रहे अधिकारियों की आगे भी अभी पूछताछ चलते रहने की संभावना है।

आरके पॉलीवाल बताते हैं कि एक स्थिति यह भी बन सकती है कि सौरभ की मनाही पर आयकर विभाग के समक्ष चेतन सिंह गौर यह साबित कर दे कि गाड़ी भले ही उसकी है लेकिन उसे उसने किराए पर दे रखा था और जिस व्यक्ति को दिया था, उसी की संपत्ति है लेकिन इसके लिए उसे यह साबित करने वाले प्रूफ जांच टीम को देने होंगे।

पूरे मामले की जांच कर रहे अफसरों की भी यह जिम्मेदारी है कि वे संपत्ति के असली मालिक की तलाश करें और इन्वेस्टिगेशन के हर एंगल का ध्यान रखें ताकि सच सामने आए।

दूसरी स्थिति यह बनेगी

अगर जांच के बाद किसी भी स्थिति में साबित नहीं होता कि संपत्ति किसकी है तो सरकार के कब्जे में आ चुकी यह राशि और सोना सरकारी घोषित कर दिया जाएगा लेकिन ऐसी स्थिति बनने पर जांच टीम पर सवाल उठेंगे। इसलिए आयकर विभाग हर हालत में पूछताछ करके इसके असली मालिक की तलाश करेगा।

अगर सौरभ या चेतन में से किसी ने यह स्वीकार कर लिया कि जब्त किया गया कैश और गोल्ड उनका है तो जो जब्त हुआ है उसकी आय का स्त्रोत बताना होगा और इसके बाद 200 प्रतिशत पेनल्टी और अलग-अलग धाराओं में ईडी केस बना सकेगी। साथ ही आयकर विभाग में अलग से पेनल्टी और ब्याज की वसूली करेगा।

आरके पालीवाल बताते हैं कि खास बात यह भी है कि वास्तविक मालिक को सामने लाने की जिम्मेदारी जांच करने वाली एजेंसी की होगी।

Hot this week

भोपाल: बच्चों के विवाद में पड़ोसियों का खूनी संघर्ष, घर में घुसकर तोड़फोड़

​भोपाल। राजधानी के छोला मंदिर थाना क्षेत्र स्थित पारस...

Topics

भोपाल: बच्चों के विवाद में पड़ोसियों का खूनी संघर्ष, घर में घुसकर तोड़फोड़

​भोपाल। राजधानी के छोला मंदिर थाना क्षेत्र स्थित पारस...

KYC अपडेट करने के झांसे में महिला ने गंवाए सवा चार लाख

भोपाल। शहर के कोलार इलाके में साइबर ठगी का...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img