ग्वालियर। नगर निगम की मंगलवार को हुई जनसुनवाई में उस वक्त अजीब और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला, जब एक पीड़ित युवक गले में नोटों की माला पहनकर सीधे अधिकारियों के सामने पहुंच गया। बीपीएल राशन कार्ड बनवाने के एवज में बार-बार रिश्वत मांगे जाने से तंग आकर युवक ने यह अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
क्या है पूरा मामला?
- रिश्वत का अनोखा विरोध: रूप सिंह बघेल नामक युवक ने बताया कि एसडीएम कार्यालय से उसके बीपीएल कार्ड का आदेश जारी हो चुका है। इसके बावजूद नगर निगम का एक अधिकारी आदेश का पालन कराने के नाम पर उससे टुकड़ों में (पहले 1500, फिर 500-1000 रुपए) रिश्वत मांग रहा था।
- सार्वजनिक रूप से पैसे देने पहुंचा युवक: अधिकारी की लगातार मांग से परेशान होकर युवक ने अधिकारियों से कहा कि वह अब सार्वजनिक रूप से रिश्वत देने आया है, ताकि उसका कार्ड बन सके।
कैंसर पीड़ित मरीज के इलाज पर संकट
पीड़ित ने दर्द बयां करते हुए बताया कि रिश्वत न देने के कारण उसका राशन बंद कर दिया गया है, जिससे उसका आयुष्मान कार्ड भी प्रभावित हुआ है। उसके परिवार में एक कैंसर पीड़ित मरीज है। उसने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति कुछ सौ रुपए की रिश्वत नहीं दे सकता, वह महंगे इलाज का खर्च कैसे उठाएगा? उसने सिर्फ कागजी जांच के आश्वासनों पर भी सवाल खड़े किए।
कोचिंग संस्थानों की फायर सेफ्टी का मुद्दा भी गरमाया
जनसुनवाई के दौरान केवल रिश्वतखोरी ही नहीं, बल्कि शहर के कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी के नियमों की अनदेखी का मामला भी उठा। आवेदक शिशुपाल सिंह ने शिकायत की कि कई कोचिंग सेंटर बिना पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था के चल रहे हैं। कलेक्टर कार्यालय से कई आदेश जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
अधिकारियों का पक्ष
मामले में नगर निगम के अपर आयुक्त प्रदीप सिंह तोमर ने संज्ञान लेते हुए कहा कि जनसुनवाई में आए सभी आवेदनों को गंभीरता से लिया गया है। रिश्वतखोरी और फायर सेफ्टी से जुड़ी इन शिकायतों की गहन जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




