हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) से निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उनका अंतिम संस्कार आज पुणे के फार्महाउस में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
निधन से जुड़ी मुख्य बातें
- समय और कारण: गुरुवार तड़के तबीयत बिगड़ने के बाद सुबह करीब 5:20 बजे उनका निधन हुआ। अस्पताल में करीब 45 मिनट तक सीपीआर (CPR) देने की कोशिश की गई, लेकिन बचाया नहीं जा सका।
- अंतिम वीडियो: निधन से चार दिन पहले का उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह मस्ती करते और यह कहते नजर आए थे, “हम सभी को एक दिन जाना है।”
शानदार फिल्मी सफर और उपलब्धियां
- 3 नेशनल अवॉर्ड: अपने करियर में उन्होंने 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। ‘परिंदा’ (बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर), ‘क्रांतिवीर’ (बेस्ट एक्टर) और ‘अग्निसाक्षी’ (बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर) के लिए उन्हें तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिले।
- कॉमेडी और संजीदा रोल: फिल्म ‘वेलकम’ के ‘उदय शेट्टी’ के रूप में उनकी कॉमेडी को दर्शकों ने खूब सराहा।
- सेना से लगाव: फिल्म ‘प्रहार’ के लिए उन्होंने सेना की मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ तीन साल ट्रेनिंग ली थी और मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर भी सेवाएं दीं। कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने करीब 2 महीने सेना के साथ अग्रिम इलाकों में बिताए थे।
‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए समाज सेवा
अभिनय के अलावा नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों में भी आगे रहे। उन्होंने 2015 में मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर ‘नाम फाउंडेशन’ की शुरुआत की, जिसने महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों में किसानों, किसानों की विधवाओं और सैन्य शहीदों के परिवारों की आर्थिक रूप से भारी मदद की।




