पीडब्ल्यूडी को हर माह खर्च के लिए वित्त विभाग अभी तक 500 करोड़ रुपए की लिमिट देता था, इसे 200 करोड़ रुपए बढ़ाकर 700 करोड़ रुपए कर दिया गया है।मप्र में पहली बार स्थाई वित्त समिति (एसएफसी) की बैठक हर शुक्रवार को होगी। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि सरकार चाहती है कि जितने भी सड़कों, भवनों और पुलों के काम हैं, वह विधानसभा चुनाव से पहले न केवल शुरू हो जाएं, बल्कि आधे से ज्यादा पूरे भी हो जाएं। इसी के मद्देनजर सरकार ने पीडब्ल्यूडी की 200 सड़कों, 70 से ज्यादा पुल और भवनों को मंजूरी दे दी है।इसमें केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ) और नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के तहत बनने वाली 8 प्रमुख सड़कें शामिल हैं। बजट में 5000 करोड़ की सड़कों और पुल का काम शामिल है। एनएचएआई की 1500 करोड़ की आठ सड़कें बनेंगी। इनमें सीआरएफ के 2000 करोड़ के आठ और प्रोजेक्ट शामिल हैं।सरकार के एक साल के काम का रोडमैपसड़कें- इसमें 5000 करोड़ से नेशनल, स्टेट और जिले के मुख्य मार्गों (एमडीआर) के साथ कनेक्टिंग सड़कों का निर्माण होगा। कुछ सड़कों को नए सिरे से बनाया जाना है। इसमें विधायकों द्वारा प्रस्तावित की गई सड़कों के काम भी शामिल कर दिए गए हैं।पुल और फाईओवर- 3500 करोड़ से बड़े पुल, एलीविटेट फ्लाईओवर व पुलिया बनेंगी।




