भोपाल। शहर की लाइफलाइन ‘बड़ा तालाब’ को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन और नगर निगम ने शनिवार को बड़ा अभियान छेड़ दिया। एफटीएल (फुल टैंक लेवल) के दायरे में अवैध रूप से बनाए गए रसूखदार लोगों के फार्म हाउस और बंगलों पर नगर निगम के बुलडोजर जमकर गरजे।
बिशनखेड़ी और गौरागांव में हुई कार्रवाई
निगम की बिल्डिंग शाखा, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम सुबह ही बिशनखेड़ी और गौरागांव पहुंची। उपायुक्त भुवन गुप्ता, एसडीएम अर्चना शर्मा और तहसीलदार कुणाल राउत की मौजूदगी में पहले दिन चिन्हित किए गए 6 बड़े अतिक्रमणों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
एनजीटी को दी थी रिपोर्ट
नगर निगम ने हाल ही में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें 21 अवैध निर्माणों को तोड़ने की जानकारी दी गई थी। अधिकारियों का कहना है कि इन निर्माणों के पास कोई बिल्डिंग परमिशन नहीं थी। सर्वे में सामने आया है कि इनमें से 18 निर्माण 2022 के बाद किए गए हैं।
मुनारों के जरिए होता रहा फर्जीवाड़ा
तालाब किनारे अतिक्रमण करने के लिए भू-माफिया ने एफटीएल की सीमा को लेकर भ्रम फैला रखा था। मौके पर एफटीएल की पहचान वाली अलग-अलग तरह की 5 तरह की मुनारें (सीमा पत्थर) लगी मिली हैं, जिनमें से कई संदिग्ध और फर्जी हैं। प्रशासन अब इन फर्जी मुनारों के आसपास हुए कब्जों को भी चिन्हित कर हटा रहा है।
347 में से अभी कई अतिक्रमण बाकी
प्रशासन के सर्वे में बड़ा तालाब क्षेत्र में कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे, जिनमें से अब तक केवल 51 ही हट पाए हैं। शेष 296 कब्जों को हटाने के लिए अब टीटी नगर, हुजूर और बैरागढ़ क्षेत्रों में सिलसिलेवार तरीके से कार्रवाई की जाएगी।




