मोहन यादव कैबिनेट की बैठक इसी माह महेश्वर में होगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कैबिनेट के सभी साथियों के साथ यहां बैठक करेंगे और देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में यहां के ऐतिहासिक किले व धार्मिक महत्व वाले स्थानों के विकास को लेकर फैसला लेंगे। बैठक की तारीख गणतंत्र दिवस के पहले या बाद में हो सकती है। इसके पहले मुख्यमंत्री डॉ यादव अपनी पूरी कैबिनेट के साथ रानी दुर्गावती के किले वाले स्थान दमोह जिले के सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक कर चुके हैं।
सीएम डॉ मोहन यादव ने देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती वर्ष में साल भर कार्यक्रम करने का फैसला किया है। इसी तारतम्य में पिछले दिनों संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में देवी अहिल्याबाई को लेकर कई निर्णय लिए गए थे। अब इसी माह मोहन सरकार खरगोन जिले के महेश्वर में कैबिनेट बैठक करने वाली है। बताया जाता है कि कैबिनेट बैठक की प्रस्तावित तिथि 24 जनवरी है जो गणतंत्र दिवस से दो दिन पहले है।
अफसरों के मुताबिक इस तारीख में बदलाव भी हो सकता है पर बैठक इसी महीने होना है, यह तय है। कैबिनेट की मीटिंग 24 को टली तो गणतंत्र दिवस के बाद होगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ महेश्वर किले के पास देवी मां की पूजा अर्चना करेंगे। साथ ही कैबिनेट की बैठक में मां नर्मदा के साथ नदी संरक्षण, पर्यावरण, वन, प्रदूषण से जुड़े प्रस्तावों पर मंथन होगा। कैबिनेट की बैठक प्रस्तावित होने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। कलेक्टर और एसपी महेश्वर का दौरा भी कर चुके हैं।
दशहरे पर महेश्वर शस्त्र पूजन करने गए थे सीएम
इसके पहले पिछले साल अक्टूबर में दशहरा पर्व के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देवी अहिल्याबाई की राजधानी महेश्वर में शस्त्र-पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी अहिल्याबाई द्वारा किये गए लोक कल्याणकारी कार्यों का स्मरण कर महेश्वर क्षेत्र के लिए 83 करोड़ 29 लाख रुपए के 43 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया था।




