भोपाल में सोमवार को नगर निगम की टीमों ने अलग-अलग कार्रवाई की। जवाहर चौक में सड़क किनारे ट्रैफिक जाम कर रहे हाथ ठेलों को जब्त करने की कार्रवाई की गई। वहीं, ग्रीन बेल्ट इलाके में मलबा फेंकने पर जुर्माना किया गया। 9 प्रकरण में 20 हजार रुपए का जुर्माना किया गया। 10 पशुओं को कांजी हाउस में भी भेजा गया। इधर, दाना पानी कचरा ट्रांसफर स्टेशन का काम देखने वाली कंपनी पर एक लाख रुपए का जुर्माना किया गया।
निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण ने सोमवार को अरेरा कॉलोनी, त्रिलंगा, दानापानी रोड आदि क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान वार्ड-48 के ई-7/640 के निर्माणाधीन भवन का सीएंडडी वेस्ट सड़क पर फेंकने वाले ठेकेदार शाहनवाज अंसारी पर 5 हजार रुपए, ई-7/641 के भवन स्वामी द्वारा घर के बाहर कचरा फेंकने पर 2 हजार रुपए का स्पॉट फाइन किया गया। वार्ड-50 के होटल रेडिसन से दानापानी रोड पर भवन निर्माण सामग्री का व्यवसाय करने वाले 6 व्यवसायियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 11 हजार और सड़क पर सीएंडडी वेस्ट फेंकने पर पंजाब नेशनल बैंक से 2 हजार रुपए का स्पॉट फाइन वसूला गया।

भोपाल के कई इलाकों में मलबा या अन्य सामान पड़ा होने पर कमिश्नर ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर भी पहुंचे कमिश्नर
दानापानी कचरा ट्रांसफर स्टेशन का कमिश्नर ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सूखे कचरे वाले नीले कंटेनर से गंदगी बहने और परिसर में गंदगी पर मिलने पर वे नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर ही वेस्टर्न कंपनी पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। ट्रांसफर स्टेशन परिसर में प्लॉस्टिक की बड़ी प्लेट में पानी भरे होने और उसमें डेंगू का लार्वा पनपने की संभावना पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए वेस्टर्न कंपनी पर ही 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने ट्रांसफर स्टेशन के बाहर सुलभ शौचालय का भी निरीक्षण किया और साफ-सफाई व्यवस्था ठीक न होने, केयर टेकर के अनुपस्थित रहने पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
विवाद की स्थिति भी बनी
जवाहर चौक में सोमवार को नगर निगम ने अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की। यहां सड़क किनारे खड़े ठेले हटाए गए। इनकी वजह से ट्रैफिक जाम होने की शिकायतें निगम के पास पहुंची थी। निगम की 6 टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों से अतिक्रमण हटाया। इस दौरान हल्की नोकझोंक भी हुई। जवाहर चौक इलाके में कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति भी बनी। व्यापारियों के विरोध जताया, लेकिन सख्ती के चलते उनकी एक न चली।




