सिरोंज: गरीबों के हक के सरकारी राशन की कालाबाजारी के बड़े खेल का प्रशासन ने पर्दाफाश किया है। शमशाबाद से कुरवाई भेजा गया और वहां से रिजेक्ट हुआ 290 क्विंटल (580 बोरियां) पीडीएस गेहूं जब सिरोंज कृषि उपज मंडी में खपाने की तैयारी थी, तभी एसडीएम ओम नारायण बड़कूल की टीम ने मौके पर छापा मारकर इसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
मामले में देर रात सिरोंज थाने में शमशाबाद नगर परिषद अध्यक्ष के बेटे मनु माहेश्वरी और वेयरहाउस की दो महिला अधिकारियों सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
मामले के मुख्य बिंदु:
- कालाबाजारी का सिंडिकेट: जांच में सामने आया कि राशन का यह गेहूं शमशाबाद नगर परिषद अध्यक्ष के बेटे मनु माहेश्वरी का था, जिसे सिरोंज के व्यापारी उमेश गोयल व राकेश गोयल को बेचा जा रहा था।
- अधिकारियों की मिलीभगत: वेयरहाउस अधिकारी वंदना बघेल और सौम्या राग की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसके चलते उन पर भी केस दर्ज हुआ है।
- 5800 गरीबों का निवाला: जब्त किया गया 290 क्विंटल गेहूं लगभग 5,800 जरूरतमंद उपभोक्ताओं का एक महीने का राशन था, जिसे खुले बाजार में अवैध रूप से बेचा जा रहा था।
- गोदाम सीज, मंडी प्रबंधन पर सवाल: एसडीएम ने मंडी स्थित व्यापारी के गोदाम को सीज कर दिया है, जहां जांच में 350 क्विंटल अतिरिक्त गेहूं भी मिला। बिना अनुमति मंडी में राशन का ट्रक पहुंचने से मंडी प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राशन माफिया और सरकारी मिलीभगत में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।




