जबलपुर के सरकारी स्कूल में 8 साल की नाबालिग से टीचर ने रेप कर उसे धमकाने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। डीईओ ने आरोपी को सस्पेंड आदेश जारी करते समय बच्ची की पहचान उजागर कर दी। आदेश वॉट्सऐप ग्रुप में वायरल हो गया, जिस पर अब विवाद हो रहा है।
कांग्रेस पार्टी ने अधीक्षक को शिकायती आवेदन देकर डीईओ पर एफआईआर कर उन्हें सस्पेंड करने की मांग की है। उन्होंने सोमवार तक कार्रवाई न होने की दशा में कोर्ट की शरण लेने की बात कही।
एसपी ने इस तरह के अपराध माफ न करने लायक बताकर जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।
पहले जानिए कि मामला क्या है
टीचर ने नाबालिग से दुष्कर्म कर उसे धमकाया
मामला बेलखेड़ा थाना क्षेत्र में 20 फरवरी (गुरुवार) का है। कक्षा तीन में पढ़ने वाली 8 साल की छात्रा जब कक्षा में अकेली थी तो इसका फायदा उठाकर आरोपी टीचर घनश्याम ठाकुर उसे बहलाकर कमरे में ले गया। जहां उसके साथ बलात्कार किया। टीचर ने बच्ची को धमकाते हुए किसी को यह बात न बताने की बात कही।
बताया गया कि उस समय प्राचार्य बेलखेड़ा संकुल गए हुए थे, अन्य बच्चे बाहर खेल रहे थे। आरोपी टीचर नरसिंहपुर जिले के नयाखेड़ा ग्राम पंचायत का है।
रोते हुए घर पहुंची बच्ची ने बताई सच्चाई
घटना के बाद बच्ची रोते हुए अपने घर पहुंची। माता-पिता ने जब इसका कारण पूछा तो उन्हें बताते हुए कहा कि सर ने उसके साथ गलत काम किया है। अगले दिन परिजनों ने बेलखेड़ा थाने पहुंचकर टीचर की घिनौनी करतूत के बारे में बताया। पुलिस ने आरोपी घनश्याम ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
डीईओ पर कार्रवाई की शुरुआत यहां से हुई
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निलंबन की कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने शिक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई तो कर दी, पर पीड़ित बच्ची की पहचान उजागर कर दी। उसमें बच्ची के परिजनों के नाम, गांव, पता सब लिखा था। डीईओ ने सस्पेंड के आदेश को शिक्षकों के ग्रुप में सेंड कर दिया था, जो कि अब वायरल हो गया।
कांग्रेस की मांग-डीईओ पर दर्ज हो एफआईआर
लेटर वायरल होने के बाद कांग्रेस के नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा, पूर्व विधायक संजय यादव शुक्रवार को पीड़ित बच्ची के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें डीईओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए बर्खास्त करने की मांग की गई है।
सौरभ शर्मा का कहना था कि डीईओ घनश्याम सोनी ने अपनी वाहवाही लूटने के लिए भले ही तत्काल टीचर घनश्याम ठाकुर को सस्पेंड कर दिया हो, पर उस निलंबन आदेश को जिसमें कि बच्ची के माता-पिता का नाम, गांव का पता लिखा था, उसे शिक्षा विभाग के उस ग्रुप में सेंड कर दिया, जिसमें कि 300 से अधिक लोग जुड़े हुए है,इस आदेश को कई लोग पढ़ चुके है।
कार्रवाई करने सोमवार तक का समय दिया सौरभ शर्मा का कहना है कि संविधान की धाराओं में साफ उल्लेख है कि किसी भी रेप पीड़िता मासूम की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए, पर डीईओ ने यह कृत्य किया है जो कि क्षमा योग्य नहीं है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र में बोला गया है कि सोमवार तक अगर जबलपुर पुलिस जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करती है, तो इस मामले को लेकर कोर्ट की शरण लेनी होगी। उन्होंने कहा कि सोमवार से पुलिस के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन भी किया जाएगा।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता में यह प्रावधान है कि किसी भी मासूम बच्ची की पहचान हम उजागर नहीं कर सकते है, जो कि रेप पीड़ित है। एएसपी ने कहा कांग्रेस के शिकायत पत्र की जांच पाटन एसडीओपी को सौंपी है। इसके साथ ही विधि अधिकारियों से भी सलाह ली जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े एक शासकीय अधिकारी को कानून का ज्ञान होना चाहिए और इस तरह का अपराध माफ करने की श्रेणी में भी नहीं आता है, लिहाजा जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।




