आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) में चिटफंड कंपनी एसयूएसके इंडिया लिमिटेड के पदाधिकारी डायरेक्टर सहित 7 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों ने 2011 से 2016 की के बीच कंपनी की स्थापना की थी।
कंपनी ने जिलावार एजेंट बनाए और कमीशन एवं प्राइज का प्रलोभन देकर चैन सिस्टम के जरिए करीब 300 से अधिक लोगों को सदस्य बनाकर ठगा। इस तरह 1.5 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया गया है। कंपनी का हेड आफिस उज्जैन में है। इसी तरह आरोपियों ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी हजारों लोगों के साथ ठगी की गई है।
जानकारी के मुताबिक आरोपी कंपनी के एजेंट्स के माध्यम से रियल स्टेट, फिल्म्स डेवलपर, प्राॅपर्टी, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स, कंस्ट्रक्शन, फार्म, डेयरी, फैक्ट्री, सोसायटी, पेस्ट कंट्रोल सर्विसेस, होटल में निवेश के नाम पर रकम लेते थे। रकम लेने के लिए एसयूएसके इंडिया लिमिटेड द्वारा पॉलिसी बॉन्ड जारी किए गए। मैच्योरिटी अवधि पूर्ण होने पर निवेशित राशि से कई गुना अधिक राशि भुगतान किए जाने का प्रलोभन दिया गया।
मेच्योरिटी अवधि पूरी होने पर भी नहीं लौटाई रकम
एसयूएसके इंडिया लिमिटेड ने मेच्योरिटी अवधि पूरी होने पर भी निवेशकर्ताओं का भुगतान नहीं किया। निवेशकों ने कंपनी से संपर्क किए जाने पर कंपनी के पदाधिकारियों ने यह आश्वासन दिया कि आपकी राशि प्रापर्टी सहित अन्य प्रोजेक्ट में निवेश की गई है। उक्त संपत्तियों के विक्रय पश्चात ब्याज सहित आपकी राशि वापस कर दी जाएगी।
गुपचुप तरीके से कंपनी बंद कर फरार हो गए
निवेशकों से जमा कराई गई राशि की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने पर 2016 में कंपनी बंद कर पदाधिकारी गायब हो गए। शिकायत की जांच के बाद कैलाश लोधी डायरेक्टर, नरेंद्र सिंह लोधी डायरेक्टर, भगवती बाई डायरेक्टर, अनिल सिंह लोधी एचआर मैनेजर, फतेह सिंह डायरेक्टर, अमित जैन महाप्रबंधक, शाकिर खान एमडी, सुनील कुमार तिवारी डायरेक्टर और अन्य संबंधित के विरुद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल में प्रकरण दर्ज कर लिया है।




