सिवनी जिले के पेंच राष्ट्रीय उद्यान में देश के 22 राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों की तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस रविवार से शुरू होगी। शनिवार को सभी राज्य निर्वाचन आयुक्त और सचिव पेंच पहुंच गए हैं। 31वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस को एमपी से राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव लीड कर रहे हैं।
कॉन्फ्रेंस में एमपी राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से पेपरलेस बूथ के जरिए कराए जाने वाले चुनाव का प्रजेंटेशन दिया जाएगा। साथ ही चुनावी चुनौतियों से निपटने व नवाचारों और स्थानीय निकाय चुनाव के लिए कौन से संवैधानिक प्रोविजन की आवश्यकता है, इस बात पर भी चर्चा होगी।
एमपी में राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय पेपरलेस और डिजिटल बूथ पर काम कर रहा है। इसमें कई राज्यों ने रुचि दिखाई है। इसलिए कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पर प्रजेंटेशन होगा।

राज्य और उनके निर्वाचन आयुक्त
- आंध्र प्रदेश – नीलम साहनी
- दिल्ली-चण्डी गढ़ – डॉ. विजय देव
- गोवा- दौलत हवलदार
- झारखण्ड – डॉ. बीके तिवारी
- कर्नाटक – जीएस संगरेशी
- राजस्थान – मधुकर गुप्ता
- उड़ीसा – मधुसूदन पाधी
- तेलंगाना – आई. रानी कुमुदिनी
- हिमाचल प्रदेश- अनिल कुमार खांची
- असम- आलोक कुमार
- तमिलनाडु – बी. जोथी निर्मला सामी
- महाराष्ट्र- दिनेश टी. वाघमारे
- सिक्किम – केसी लेप्चा
- जम्मू-कश्मीर – बीआर शर्मा
- छत्तीसगढ़ -अजय सिंह,
- केन्द्र शासित प्रदेश, दमन व द्वीव – सुधांशु पाण्डे
- त्रिपुरा – शरदेंदु चौधरी
- गुजरात -डॉ. एस. मुरलीकृष्णन
- उत्तर प्रदेश – राज प्रताप सिंह
- उत्तराखण्ड -सुशील कुमार
- बिहार – डॉ. दीपक प्रसाद
- केरल – ए. शाहजहां।
जम्मू कश्मीर में होनी थी बैठक, अब एमपी में देश के सभी राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्तों का एक नेशनल फोरम बना है। हर साल इसकी बैठक होती है। इस बार एमपी में कॉन्फ्रेंस हो रही है। पहले यह बैठक जम्मू कश्मीर में होनी थी जिसे परिस्थितियों के चलते टाल दिया गया और अब एमपी में कॉन्फ्रेंस का आयोजन होना है।
सचिव राज्य निर्वाचन आयोग अभिषेक सिंह ने बताया कि
कॉन्फ्रेंस में विभिन्न राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्त स्थानीय निकायों के निर्वाचन के दौरान आई चुनौतियों तथा उनसे निपटने के उपायों पर चर्चा करेंगे। साथ ही नवाचारों और सुधारों से भी अवगत करायेंगे। इस दौरान स्थानीय निकायों के निर्वाचन में नई तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा होगी।




