लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में प्रभारी प्रमुख अभियंता केपीएस राणा और प्रमुख अभियंता पीआईयू शालिगराम बघेल के विरुद्ध हुई गंभीर शिकायतों के बाद ईओडब्ल्यू ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों प्रभारी प्रमुख अभियंताओं में से राणा ने एनएचएआई में प्रभारी मुख्य अभियंता रहते ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार को 38.39 करोड़ का ठेका दिलवाया, जबकि बघेल पर संयुक्त निविदाएं आमंत्रित किए जाने के मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है।
प्रभारी प्रमुख अभियंता केपीएस राणा ने प्रभारी मुख्य अभियंता एनएचएआई रहते हुए 2022 में ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार राजेंद्र सिंह किलेदार कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को 38.39 करोड़ रुपए का ठेका दिलाया, जबकि उन्होंने ही उक्त ठेकेदार को पूर्व में ब्लैक लिस्टेड किया था।
इस मामले में ईओडब्ल्यू ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में सरकार के द्वारा आरोप पत्र जारी किया जाना है। बीना टोल प्लाजा के निर्माण में काम नहीं करने के कारण राणा ने एनएचएआई में प्रभारी सीई रहते किलेदार को एक साल के लिए ब्लैक लिस्टेड किया था, लेकिन 13 दिन बाद ही उन्होंने 7.50 किलोमीटर आष्टा बायपास 39 करोड़ रुपए का टेंडर दे दिया।




