दो महीने के अंदर भोपाल नगर निगम परिषद की मीटिंग नहीं होने से विपक्ष की नाराजगी एक बार फिर देखने को मिली है। शुक्रवार को कांग्रेसी पार्षद भोपाल कमिश्नर संजीव सिंह के पास पहुंचे और बोले कि मीटिंग 2 महीने में होनी चाहिए थी, लेकिन 17 दिन ज्यादा बीत चुके हैं। इसलिए निगम आयुक्त को निर्देश दें कि खुद मीटिंग बुलाएं।
ऐसा तीसरी बार हुआ है, जब कांग्रेस पार्षद निगम परिषद की मीटिंग के लिए कमिश्नर के पास पहुंचे हो। पिछली दो बैठकों के दौरान भी ऐसा हो चुका है। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि निगम परिषद की मीटिंग 3 जून-25 को बुलाया जाना प्रस्तावित था, जो 20 जून तक नहीं बुलाई गई है।
बैठक की तारीख, एजेंडा नहीं आया कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा, अब तक न तो मीटिंग की तारीख तय हुई है और न ही कोई एजेंडा सामने आया है। यह नियमों का उल्लंघन है। बताया जाता है कि निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने भी नियमानुसार बैठक के लिए जिम्मेदारों से कहा है। इसके लिए लेटर भी भेजा जा चुका है।
जनहित के मुद्दों पर हो चर्चा
नेता प्रतिपक्ष जकी, पार्षद गुड्डू चौहान, प्रवीण सक्सेना, हिमांशु कंसाना समेत अन्य कांग्रेसी पार्षदों ने कमिश्नर से मिलकर बैठक में जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने की मांग उठाई। कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि राजधानी में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनती है। इस पर भी चर्चा की जाए। साथ ही सभी 85 वार्डों में विकास कार्य शुरू हो।




