Thursday, May 14, 2026
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प्रदेश में अवैध हथियारों पर कंट्रोल के लिए बनाई कमेटी

हरदा में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के 11 माह बाद राज्य सरकार ने अवैध हथियारों और गोला बारूद पर कंट्रोल के लिए प्लानिंग शुरू की है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस तरह के कारोबार के जरिए अशांति के हालात बनाने के मद्देनजर राज्य शासन से इस मामले में रिपोर्ट मांगी गई है।

एमपी में पिछले साल हरदा में अवैध पटाखा फैक्ट्री विवाद की वजह बनी थी। इसी के चलते प्रदेश में अवैध हथियार और गोला बारूद तैयार कर बेचने और उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने जैसे गंभीर मामलों में कंट्रोल के लिए राज्य सरकार ने एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी ढाई माह में राज्य सरकार को रिपोर्ट देगी। इसके बाद सरकार इस तरह के मामलों में रोक को लेकर निर्देश जारी करेगी।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस कमेटी के गठन को लेकर आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसमें कहा गया है कि अवैध हथियारों और गोला-बारूद के निर्माण, विक्रय, परिवहन एवं उसके उपयोग को नियंत्रित करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है।

आदेश में कहा गया है कि इस पांच सदस्यीय कमेटी के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे। समिति में अपर मुख्य सचिव गृह को सदस्य सचिव बनाया गया है। साथ ही समिति के सदस्यों के रूप में पुलिस महानिदेशक या पुलिस महानिरीक्षक, सचिव विधि एवं विधायी कार्य विभाग और विनय मिश्रा बैलेस्टिक विशेषज्ञ (वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी) नियुक्त किए गए हैं।

समिति 10 सप्ताह में कार्ययोजना तैयार कर प्रभारी अधिकारी के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष पेश करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने नवम्बर 2024 में इसके आदेश जारी किए हैं और एमपी समेत अन्य राज्यों से दस हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।

यह काम करेगी कमेटी

  • अवैध हथियारों, गोला बारूद के बनाने, बेचने और परिवहन करने को लेकर कार्ययोजना बनाना।
  • जिम्मेदार अधिकारियों के माध्यम से हथियारों और गोला-बारूद से निपटने वाले मौजूदा लाइसेंस प्राप्त और साथ ही गैर-लाइसेंस प्राप्त कारखानों, कार्यशालाओं का निरीक्षण कराना। अवैध हथियारों और गोला-बारूद के निर्माण, बिक्री, परिवहन के संबंध में डेटा सुरक्षित करना।
  • अवैध हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी की रोकथाम के संबंध में उठाए जाने वाले कदम को लेकर प्लान।
  • समाज और राज्य के खिलाफ अपराध में अवैध हथियारों और गोला-बारूद के उपयोग पर स्टडी किया जाना और इसकी रोकथाम के लिए कदम उठाना।
  • कोई अन्य पहलू जिस पर समिति विचार करना उचित समझे।

एनटीए की स्टेट कमेटी में शामिल होंगे पुलिस और आईबी अफसर

दूसरी ओर एक अन्य कमेटी का गठन भी सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा देश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा को लेकर किया गया है। उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए परीक्षा कराने वाली भारत सरकार की नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की एमपी में राज्य स्तरीय समन्वय समिति बनाई गई है। इस समन्वय समिति में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग, एडीजी कानून और व्यवस्था, डीजी एनटीए द्वारा मनोनीत किए गए नोडल अफसर शामिल होंगे। इसके अलावा एनआईसी के स्टेट इन्फार्मेटिक्स आफिसर और इंटेलिजेंस ब्यूरो एमपी के ज्वाइंट डायरेक्टर इस कमेटी के सदस्य होंगे।

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